फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   cultural news

Jammu News: लोगों ने लगाए डोगरी अचार और ग्रीन चिल्ली के चटकारे हैदराबादी चिकन कोरमा, मटका फिरनी का भी चखा स्वाद

विज्ञापन
cultural news
- तवी उत्सव के दूसरे दिन अमर महल में लगाई गई प्रदर्शनी, स्थानीय और अन्य राज्यों के उत्पादों ने किया आकर्षित
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। अमर महल में रविवार को दूसरे दिन भी तवी उत्सव में खूब रौनक रही। स्थानीय लोगों के साथ देश भर से पहुंचे पर्यटकों ने उत्सव का आनंद लिया। अमर महल के परिसर में प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें डुग्गर प्रदेश और हैदराबाद आदि राज्यों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए। डोगरी उत्पादों में मिट्टी के दीपक, प्लेट पोस्टर, अचार, ग्रीन चिल्ली को प्रदर्शित किया गया। हैदराबादी उत्पादों में चिकन कोरमा और मटका फिरनी आदि लजीज पकवान शामिल थे।
गिरी फाउंडेशन कटड़ा की ओर से भी अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए गए। जम्मू की युवती कोमल कौल ने बताया कि उत्तराखंड के पुरुकुल गांव और हिमाचल के चंबा से वह स्वदेशी उत्पाद लाते हैं। भद्रवाह के सेब का जैम भी रखा है। उन्होंने कहा कि अन्य प्रदर्शनियों में भी वह इन उत्पादों को बेच चुकी हैं। जम्मू की रेणु देवी ने कहा कि दीपक, मावा, गुड़ व अन्य उत्पादों को वह खुद तैयार करती हैं। यह मिलावट रहित होते हैं और इन्हें खरीदने के लिए लोगों ने भी अच्छा रुझान दिखाया है। वहीं, एसएमवीडीयू कटड़ा से पहुंचे छात्रों ने भी उत्सव की सराहना की। ये विद्यार्थी अध्यापिका डॉ. कामिनी पटानिया के साथ उत्सव में पहुंचे। उन्होंने कहा कि उत्सव का दिलकश नजारा हमेशा याद रहेगा। नेपाल के छात्र अष्टभुजा नाथ पांडे ने कहा कि वह जम्मू में दो साल से पढ़ाई कर रहे हैं। यहां की भाषा और संस्कृति अलग है। राजस्थान के छात्र रमित और मृदुल चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें पटनीटॉप समेत अन्य स्थानों का भी भ्रमण करवाया गया है। हर जगह की अपनी अलग पहचान है। इस उत्सव में उन्हें ऐतिहासिक चीजों के साथ डोगरा संस्कृति की जानकारी मिली है। डॉ. कामिनी ने कहा, इस तरह के उत्सवों से डोगरा संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है।
विज्ञापन


---
डोगरी गीतों और डक्कू पर थिरके लोग
दिन भर अमर महल में प्रदर्शनी के बाद शाम को पहाड़ी गीतों की जुगलबंदी व डक्कू की थाप पर लोग खूब थिरके। कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। जहां एक तरफ तारें तूरां पेइयां, कंडिया पिया बरसाला डोगरी गीत ने सबका मन लिया। डक्कू के वाद्य यंत्रों की मधुर धुन पर भी कलाकारों ने समां बांधा। डोगरी कलाकारों ने कहा कि इस प्रकार के उत्सव से अपनी संस्कृति को बढ़ावा देने का मौका मिला है। यह एक अद्भुत अहसास है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
राजस्थान के पर्यटक भी बने उत्सव का हिस्सा
राजस्थान से आए पर्यटकों ने कहा कि हर किसी राज्य या स्थान का अपना इतिहास और संस्कृति होती है। राजस्थान में भी कई सारे पर्यटन स्थल हैं, लेकिन जम्मू की सुंदरता और संस्कृति अलग है, जो मोहित करती है। पर्यटकों ने कहा कि यहां के लोगों के साथ मिलकर भी अच्छा लगा। समापन तक उत्सव का आनंद लेंगे।
----
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed