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सलाथिया बिरादरी की मेल में दिखा उत्साह
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सलाथिया विरादरी, अम्मा सिलाबंतिया की मेल में सजा दरबार।
विजयपुर। सलाथिया बिरादरी की वार्षिक मेल मंगलवार को परंपरागत और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस मौके पर अम्मा सिलाबंतिया मंदिर में सुबह सत्संग किया गया। उसके बाद हवन यज्ञ के बाद भंडारे लगाया गया।
गुड़ा सलाथिया के देविका घाट के पास बने मंदिर में प्रदेश भर से आए श्रद्धालुओं ने अम्मा सिलाबंतिया मंदिर में माथा टेका और प्रसाद ग्रहण किया। सुबह सर्दी और धुंध के बावजूद भी श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं रही। आसपास के गांवों में भी काफी रौनक छाई रही। श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह खानपान के स्टाल लगाए गए, ताकि दूर-दराज से आने वाले अम्मा के भक्तों को परेशानी का सामना ना करना पड़े। सलाथिया बिरादरी के आत्म सिंह, मोहन सिंह, करनैल सिंह, सुरजीत सिंह, पंकज सलाथिया, मीनु सलाथिया, लक्की सलाथिया, सूर्य सिंह, सोना सलाथिया, सतीश सिंह, बलु सिंह, मखनु सलाथिया आदि ने बताया कि गांव में घनी आबादी के बीच लगभग 11 मंडियां हैं। मंदिर में अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं के अलावा रियासत से भी बड़ी संख्या में लोग माथा टेकने आते हैं।
इतिहास के मुताबिक गुड़ा सलाथिया के बाबा गोपीचंद की शादी अम्मा सिलाबंतिया के साथ हुई थी, लेकिन घर पहुंचते ही गोपीचंद की मौत हो गई। उनकी पत्नी अम्मा जी ने भी प्राण त्याग दिए। लगभग पांच सौ साल पहले यह घटना घटी थी। उसके बाद इस मंदिर को बनाया गया। तभी से अब तक सलाथिया बिरादरी के लोग मेल को धूमधाम से मनाते हैं। मगर कोरोना को देखते हुए इस बार कुछ लोग नहीं पहुंच पाए। बिरादरी के सदस्यों ने बताया कि जैसे-जैसे अम्मा सिलाबंतिया का चमत्कार लोगों तक पहुंचता गया, मेल में भीड़ बढ़ती गई। यही कारण है कि आज प्रदेश के अलावा दूसरे राज्य के लोग भी मेल में पहुंचकर माथा टेकते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस मौके पर कई पार्टियों के नेताओं ने भी माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया और सुख शांति की कामना की।
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बिरादरी के लोग खुद करते हैं सभी काम
विजयपुर। सलाथिया बिरादरी की मेल की विशेषता यह है कि बिरादरी के सदस्य स्वयं ही सभी काम करते हैं। मेल में शामिल युवा खुद बर्तन साफ करते हैं। भंडारे में कोई भी कारीगर बाहर का नहीं बुलाया जाता है बल्कि खुद ही भंडारा बनाते हैं। साफ-सफाई, बर्तन आदि बिरादरी के लोग ही श्रद्धा के साथ साफ करते हैं। बिरादरी से जुड़े जो लोग सरकारी मुलाजिम होते हैं। इस दिन छुट्टी ले लेते हैं और पूरे तन, मन, धन से अम्मा सिलाबंतिया की सेवा करते हैं। संवाद
घगवाल के रेई में हुई पंगोत्रा बिरादरी की मेल
सांबा। घगवाल के गांव रेई में वसंत पंचमी पर मंगलवार को ब्राह्मण पंगोत्रा बिरादरी की वार्षिक मेल का आयोजन किया गया। इसमें माता सज्योति के मंदिर में माथा टेक कर मन्नत मांगी गई। मेल में जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश से हजारों लोगों ने आकर सज्योति माता के दरबार में माथा टेका और आशीर्वाद लिया। मेल में पंजाब के पूर्व राज्य परिवहन मंत्री मोहन लाल शर्मा ने भी हाजिरी लगाई और घगवाल ब्लॉक के डीडीसी सदस्य सुरेश कुमार फल्ली, राजपुरा ब्लॉक कि डीडीसी सदस्य आशा रानी, हीरानगर ब्लॉक के डीडीसी सदस्य अभिनंदन शर्मा और नौनाथ के युवा सरपंच अर्पण पंगोत्रा को स्थानीय कमेटी ने सम्मानित किया गया। संवाद
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गुड़ा सलाथिया के देविका घाट के पास बने मंदिर में प्रदेश भर से आए श्रद्धालुओं ने अम्मा सिलाबंतिया मंदिर में माथा टेका और प्रसाद ग्रहण किया। सुबह सर्दी और धुंध के बावजूद भी श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं रही। आसपास के गांवों में भी काफी रौनक छाई रही। श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह खानपान के स्टाल लगाए गए, ताकि दूर-दराज से आने वाले अम्मा के भक्तों को परेशानी का सामना ना करना पड़े। सलाथिया बिरादरी के आत्म सिंह, मोहन सिंह, करनैल सिंह, सुरजीत सिंह, पंकज सलाथिया, मीनु सलाथिया, लक्की सलाथिया, सूर्य सिंह, सोना सलाथिया, सतीश सिंह, बलु सिंह, मखनु सलाथिया आदि ने बताया कि गांव में घनी आबादी के बीच लगभग 11 मंडियां हैं। मंदिर में अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं के अलावा रियासत से भी बड़ी संख्या में लोग माथा टेकने आते हैं।
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इतिहास के मुताबिक गुड़ा सलाथिया के बाबा गोपीचंद की शादी अम्मा सिलाबंतिया के साथ हुई थी, लेकिन घर पहुंचते ही गोपीचंद की मौत हो गई। उनकी पत्नी अम्मा जी ने भी प्राण त्याग दिए। लगभग पांच सौ साल पहले यह घटना घटी थी। उसके बाद इस मंदिर को बनाया गया। तभी से अब तक सलाथिया बिरादरी के लोग मेल को धूमधाम से मनाते हैं। मगर कोरोना को देखते हुए इस बार कुछ लोग नहीं पहुंच पाए। बिरादरी के सदस्यों ने बताया कि जैसे-जैसे अम्मा सिलाबंतिया का चमत्कार लोगों तक पहुंचता गया, मेल में भीड़ बढ़ती गई। यही कारण है कि आज प्रदेश के अलावा दूसरे राज्य के लोग भी मेल में पहुंचकर माथा टेकते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस मौके पर कई पार्टियों के नेताओं ने भी माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया और सुख शांति की कामना की।
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बिरादरी के लोग खुद करते हैं सभी काम
विजयपुर। सलाथिया बिरादरी की मेल की विशेषता यह है कि बिरादरी के सदस्य स्वयं ही सभी काम करते हैं। मेल में शामिल युवा खुद बर्तन साफ करते हैं। भंडारे में कोई भी कारीगर बाहर का नहीं बुलाया जाता है बल्कि खुद ही भंडारा बनाते हैं। साफ-सफाई, बर्तन आदि बिरादरी के लोग ही श्रद्धा के साथ साफ करते हैं। बिरादरी से जुड़े जो लोग सरकारी मुलाजिम होते हैं। इस दिन छुट्टी ले लेते हैं और पूरे तन, मन, धन से अम्मा सिलाबंतिया की सेवा करते हैं। संवाद
घगवाल के रेई में हुई पंगोत्रा बिरादरी की मेल
सांबा। घगवाल के गांव रेई में वसंत पंचमी पर मंगलवार को ब्राह्मण पंगोत्रा बिरादरी की वार्षिक मेल का आयोजन किया गया। इसमें माता सज्योति के मंदिर में माथा टेक कर मन्नत मांगी गई। मेल में जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश से हजारों लोगों ने आकर सज्योति माता के दरबार में माथा टेका और आशीर्वाद लिया। मेल में पंजाब के पूर्व राज्य परिवहन मंत्री मोहन लाल शर्मा ने भी हाजिरी लगाई और घगवाल ब्लॉक के डीडीसी सदस्य सुरेश कुमार फल्ली, राजपुरा ब्लॉक कि डीडीसी सदस्य आशा रानी, हीरानगर ब्लॉक के डीडीसी सदस्य अभिनंदन शर्मा और नौनाथ के युवा सरपंच अर्पण पंगोत्रा को स्थानीय कमेटी ने सम्मानित किया गया। संवाद