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किसान सभा ने मनाई 41 वी वर्षगांठ
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रामगढ़। किसान सभा ने सोमवार को अपनी 51 वीं सालगिरह गांव रंगूर कैंप में मनाई। किसान सभा के अध्यक्ष हरि चंद गुलेरिया की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में कामरेड नत्था सिंह पंजाब ट्रेड यूनियन के नेता मुख्य अतिथि थे।
सभा में सरपंच नथाराम, मोहनलाल, जनकार सिंह सहित किसानों ने समस्याओं पर विचार-विमर्श किया। वहीं केंद्र सरकार का ध्यान किसानों को पेश आ रही समस्याओं की ओर दिलाया। किसान सभा ने नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया। किसान नेताओं ने कहा कि तीनों नए कृषि कानून किसान विरोधी हैं। इन्हें हर हाल में वापस होने चाहिए। किसान देश का अन्नदाता है। अगर अन्नदाता को ही मांगे मनवाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़े तो इस बात का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि मोदी सरकार किसानों की कितनी हितैषी है।
मुख्य अतिथि कामरेड नत्था सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार तीनों नए कानूनों को वापस लेकर किसानों की मांगों को पूरा करें नहीं तो आने वाले दिनों में किसानों का आंदोलन उग्र आंदोलन का रूप धारण कर सकता है। इस मौके पर सभा के उपप्रधान डॉ. घनश्याम सिंह, उप प्रधान उदय चंद, उप प्रधान महेंद्र सिंह, महासचिव दीवान चंद सहित जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोरी के किसान सभा के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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सभा में सरपंच नथाराम, मोहनलाल, जनकार सिंह सहित किसानों ने समस्याओं पर विचार-विमर्श किया। वहीं केंद्र सरकार का ध्यान किसानों को पेश आ रही समस्याओं की ओर दिलाया। किसान सभा ने नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया। किसान नेताओं ने कहा कि तीनों नए कृषि कानून किसान विरोधी हैं। इन्हें हर हाल में वापस होने चाहिए। किसान देश का अन्नदाता है। अगर अन्नदाता को ही मांगे मनवाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़े तो इस बात का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि मोदी सरकार किसानों की कितनी हितैषी है।
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मुख्य अतिथि कामरेड नत्था सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार तीनों नए कानूनों को वापस लेकर किसानों की मांगों को पूरा करें नहीं तो आने वाले दिनों में किसानों का आंदोलन उग्र आंदोलन का रूप धारण कर सकता है। इस मौके पर सभा के उपप्रधान डॉ. घनश्याम सिंह, उप प्रधान उदय चंद, उप प्रधान महेंद्र सिंह, महासचिव दीवान चंद सहित जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोरी के किसान सभा के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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