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बसोहली की चित्रकारी, पशमीना की फुलकारी ने मोहा मन
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कला केंद्र में प्रदर्शनी के दौरान खरीदारी करते लोग।
- फोटो : SHRINAGAR
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जम्मू। कला केंद्र जम्मू में पर्यटन विभाग के उत्सव में बसोहली की चित्रकारी और पशमीना की फुलकारी ने सबका मन मोह लिया। रविवार को दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन पर हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को लोगों ने काफी पसंद किया। लोगों ने हाथों से बुने गर्म कपड़ों, बांस और लकड़ी से बने सामान की जकर खरीदारी की। इससे कारीगरों के चेहरे भी खिल उठे। हालांकि शाम को बारिश ने कार्यक्रम में खलल डाल दिया।
उत्सव में प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसमें दो स्टाल लगे थे। लॉकडाउन के बाद पहली बार किसी प्रदर्शनी में भाग लेने वाले बसोहली के हस्त शिल्पकार मोइन ने बताया कि उनके लिए प्रदर्शनी काफी फायदेमंद रही। लोगों ने न सिर्फ खरीदारी की बल्कि सामान को बनाने की प्रक्रिया भी जानी। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण रविवार शाम को सामान नहीं बेच पाए, लेकिन फिर भी अच्छी कमाई हुई है। राजोरी से आए एक कारीगर ने बताया कि लोगों का काफी सहयोग रहा है, जिसके कारण हम सामान बेच पाए। लॉकडाउन में काफी नुकसान हुआ था, लेकिन अब फिर से स्थिति स्थिति सामान्य होने लगी है।
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दूसरे दिन बारिश ने डाला खलल
कई सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हो पाए
कला केंद्र में आयोजित उत्सव का दूसरा दिन बारिश की भेंट चढ़ गया। दोपहार बाद हुई बारिश के कारण रविवार को होने वाले कार्यक्रम नहीं हो पाए। कार्यक्रम के समापन पर डोगरी, पहाड़ी, गोजरी सहित अन्य लोक कलाओं की प्रस्तुति दी जानी थी। उत्सव में प्रदेश के जम्मू्, डोडा, उधमपुर, राजौरी सहित अन्य जिलों से आए लोक कलाकारों की सुंदर प्रस्तुतियां देखने को मिल रही है।
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उत्सव में प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसमें दो स्टाल लगे थे। लॉकडाउन के बाद पहली बार किसी प्रदर्शनी में भाग लेने वाले बसोहली के हस्त शिल्पकार मोइन ने बताया कि उनके लिए प्रदर्शनी काफी फायदेमंद रही। लोगों ने न सिर्फ खरीदारी की बल्कि सामान को बनाने की प्रक्रिया भी जानी। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण रविवार शाम को सामान नहीं बेच पाए, लेकिन फिर भी अच्छी कमाई हुई है। राजोरी से आए एक कारीगर ने बताया कि लोगों का काफी सहयोग रहा है, जिसके कारण हम सामान बेच पाए। लॉकडाउन में काफी नुकसान हुआ था, लेकिन अब फिर से स्थिति स्थिति सामान्य होने लगी है।
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दूसरे दिन बारिश ने डाला खलल
कई सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हो पाए
कला केंद्र में आयोजित उत्सव का दूसरा दिन बारिश की भेंट चढ़ गया। दोपहार बाद हुई बारिश के कारण रविवार को होने वाले कार्यक्रम नहीं हो पाए। कार्यक्रम के समापन पर डोगरी, पहाड़ी, गोजरी सहित अन्य लोक कलाओं की प्रस्तुति दी जानी थी। उत्सव में प्रदेश के जम्मू्, डोडा, उधमपुर, राजौरी सहित अन्य जिलों से आए लोक कलाकारों की सुंदर प्रस्तुतियां देखने को मिल रही है।
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