फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   cultural

लबाना बिरादरी की बैठक में लंगर आदि नहीं लगाने की हिदायतों पर रोष

विज्ञापन
cultural
अखनूर। कस्बे के चिनाब दरिया के ऐतिहासिक बाबा सुंदर सिंह गुरुद्वारा में बुधवार को आल इंडिया लबाना बिरादरी की बैठक से पहले कुछ लोगों में हाल, आफिस ताला और लंगर नहीं लगाने की हिदायतों पर रोष व्याप्त हो गया। आरोप लगाया कि साजिश के तहत कार्रवाई की गई। इस पर सिख समाज को नुकसान होगा।
विज्ञापन

बुधवार को गुरुद्वारा में लबाना बिरादरी की बैठक में उत्थान के लिए उपस्थित कमेटी गठित करने की प्रक्रिया के दौरान उपस्थित आल जे एंड के लबाना बिरादरी के प्रधान जगजीत सिंह ने प्रेसवार्ता में नवनिर्वाचित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों पर आरोप लगाया कि गुरुद्वारा में साजिश के तहत हाल, आफिस और लंगर पर ताला लगाया गया है। जो गदंगी राजनीति है, ऐसे में सिख समाज को नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लिए हुए चुनाव में विजय प्रत्याशी को चाहिए कि सभी सिख समुदाय को साथ में लेकर चले, न कि भेदभाव की सोच लेकर चलना चाहिए।
विज्ञापन

वरिष्ठ सदस्य सुखजीत सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा में एक तरफा कार्रवाई करके ताले लगाए गए। गुरुद्वारा में हर समुदाय की संगत आस्था व्यक्त करने आती है, मगर सिंह समुदाय के उत्थान के लिए हानि होगी, सभी सिख समुदाय को साथ लेकर चलना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रधान लखविंदर सिंह सरकार, महेंद्र सिंह, संसार सिंह, पीएस बादल सहित अन्य मौजूद थे।
वहीं गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नवनिर्वाचित सदस्य रणबीर सिंह ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा गुरुद्वारा में किसी आयोजन में स्वीकृति लेनी चाहिए थी। मगर नहीं ली गई, जबकि लंगर रोजमर्रा की तरह से जारी था, और न ही किसी हाल में ताला लगाया हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed