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Jammu News: दरगाह पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मांगी सुख शांति की दुआ
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बाबा फैज बख्श की दरगाह पर मत्था टेकते लोग।
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अखनूर/ज्यौड़ियां। अखनूर के समीप गांव वाले बाग स्थित पीर फैज बख्श बुखारी की दरगाह पर वीरवार को वार्षिक उर्स का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सुख शांति की दुआ मांगी।
सुबह से ही दरगाह पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच पूरे दिन श्रद्धालु मेले का आनंद लेते रहे। बाबा फैज बख्श बुखारी की यह दरगाह विशेष रूप से पागल कुत्ते के काटे जाने पर ठीक होने की मान्यता के लिए प्रसिद्ध है और यहां दूरदराज़ से लोग मन्नतें लेकर आते हैं।
इस मौके पर दरगाह परिसर में भव्य मेला भी आयोजित किया गया। इसमें झूले, खाने-पीने के स्टॉल, चूड़ियां और शृंगार सामग्री की दुकानों ने लोगों को खूब आकर्षित किया। विशेष रूप से बच्चों में मेले को लेकर काफी उत्साह देखा गया। दरगाह के खादिम शकील अहमद ने बताया कि यहां हिंदू और मुस्लिम दोनों ही श्रद्धा और आस्था के साथ आते हैं। यह स्थान सूफी परंपरा की उस गहराई को दर्शाता है, जिसमें प्रेम, सेवा और समर्पण के माध्यम से मानवता को जोड़ने का संदेश है।इस अवसर पर पूर्व सरपंच शमशेर सिंह ने कहा कि हजारों लोगों ने दरगाह पर आकर न केवल अपनी श्रद्धा अर्पित की, बल्कि समाज में भाईचारे और सौहार्द्र का सुंदर उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
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सुबह से ही दरगाह पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच पूरे दिन श्रद्धालु मेले का आनंद लेते रहे। बाबा फैज बख्श बुखारी की यह दरगाह विशेष रूप से पागल कुत्ते के काटे जाने पर ठीक होने की मान्यता के लिए प्रसिद्ध है और यहां दूरदराज़ से लोग मन्नतें लेकर आते हैं।
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इस मौके पर दरगाह परिसर में भव्य मेला भी आयोजित किया गया। इसमें झूले, खाने-पीने के स्टॉल, चूड़ियां और शृंगार सामग्री की दुकानों ने लोगों को खूब आकर्षित किया। विशेष रूप से बच्चों में मेले को लेकर काफी उत्साह देखा गया। दरगाह के खादिम शकील अहमद ने बताया कि यहां हिंदू और मुस्लिम दोनों ही श्रद्धा और आस्था के साथ आते हैं। यह स्थान सूफी परंपरा की उस गहराई को दर्शाता है, जिसमें प्रेम, सेवा और समर्पण के माध्यम से मानवता को जोड़ने का संदेश है।इस अवसर पर पूर्व सरपंच शमशेर सिंह ने कहा कि हजारों लोगों ने दरगाह पर आकर न केवल अपनी श्रद्धा अर्पित की, बल्कि समाज में भाईचारे और सौहार्द्र का सुंदर उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
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