जहरीला धुआं पी रहे हैं सीआरपीएफ के जवान
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सीआरपीएफ के 200 से अधिक जवान चिमनियों से निकलते जहरीले धुएं के साए में ड्यूटी कर रहे हैं। सीआरपीएफ की 187 बटालियन का मुख्यालय उधमपुर के औद्योगिक क्षेत्र की केमिकल और सीमेंट फैक्ट्रीयों के बीचोबीच बना हुआ है।
चिमनियों से निकलने वाले धुएं से जवानों की सेहत पर बुरा असर पड़ने की संभावना है। देश के लिए हर वक्त अपनी जान दांव पर लगाने वाले सीआरपीएफ के जवानों की सेहत दांव पर लगी हुई है।
मुख्यालय में सीआपीएफ के 200 से अधिक जवान दिन-रात ड्यूटी देते हैं। 187 बटालियन का मुख्यालय चारों ओर से जानलेवा धुआं उगलती फैक्ट्रियों से घिरा हुआ है।
धुएं से हो सकते हैं जानलेवा रोग
कुछ सीमेंट फैक्ट्रियां तो मुख्यालय के बगल में ही बनी हुई हैं। दिन-रात ड्यूटी देते जवान न चाहते हुए भी हर रोज जहरीले धुएं को अपनी सांसों के साथ खींच रहे हैं। जवानों के लिए धुएं से बचने के लिए सुरक्षा मास्क तक की व्यवस्था नहीं है।
उधमपुर के जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. ओपी भगत ने बताया कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं जानलेवा भी हो सकता है। चिमनियों से निकलने वाले धुएं में जहरीले टाक्सिन होते हैं जो सांस संबंधी बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
धुएं से अस्थमा, फेफड़ों के रोग और आंखों में इनफेक्शन जैसी बीमारियां होती हैं। कुछ लोगों में इससे कैंसर भी पनप सकता है।