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Pahalgam Attack Anniversary: पहलगाम बरसी पर हाई अलर्ट, जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर CRPF ने किया मॉक ड्रिल अभ्यास
Wed, 22 Apr 2026 12:40 PM IST
Nikita Gupta
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: Nikita Gupta
Updated Wed, 22 Apr 2026 12:40 PM IST
सार
पहलगाम आतंकी हमले की बरसी के मौके पर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा कड़ी करते हुए सीआरपीएफ ने रामबन में मॉक ड्रिल का आयोजन किया।
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पहलगाम हमले की बरसी की पूर्व संध्या पर श्रीनगर में तलाशी लेते जवान। संवाद
- फोटो : 1
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विस्तार
पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी के पर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 84वीं बटालियन ने रामबन जिले के पीराह क्षेत्र में स्थित होटलों के पास एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया।
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यह अभ्यास संभावित आतंकी या आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया। सीआरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की ड्रिल से सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया क्षमता और ऑपरेशनल तैयारी को और बेहतर किया जाता है, ताकि किसी भी चुनौती का तुरंत और प्रभावी तरीके से जवाब दिया जा सके।
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सीआरपीएफ 84 बटालियन के कमांडेंट एन. रणबीर सिंह ने बताया कि यह मॉक ड्रिल विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटक और यात्री ठहरते हैं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि किसी भी आपात स्थिति में हमारी तैयारी सर्वोच्च स्तर की हो और जवान मानसिक व शारीरिक रूप से पूरी तरह तैयार रहें।
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22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां लगातार अलर्ट पर हैं। इस हमले की बरसी के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई है।
इसी बीच भारतीय सेना ने भी आतंकवाद के खिलाफ अपनी सख्त प्रतिबद्धता दोहराई है। सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि देश के खिलाफ किसी भी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पीओजेके में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव भी बढ़ा था, जिसके चलते कुछ दिनों तक सीमा पर स्थिति गंभीर रही। बाद में दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच बातचीत के बाद 10 मई को संघर्ष विराम पर सहमति बनी।