फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Crores of rupees spent yet many big projects of Jammu and Kashmir stops

विकास की राह में अड़चने: करोड़ों रुपये खर्च, फिर भी अधर में जम्मू-कश्मीर की कई बड़ी परियोजनाएं

Sun, 18 Jul 2021 12:27 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Sun, 18 Jul 2021 12:27 AM IST
सार

जम्मू-अखनूर सड़क चौड़ीकरण का कार्य पैकेज दो के तहत 31 अगस्त 2021 को पूरा होना चाहिए, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड के तहत अब तक 30 फीसदी कार्य ही हो पाया है।

विज्ञापन
Crores of rupees spent yet many big projects of Jammu and Kashmir stops
जम्मू रिंग रोड परियोजना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में कई बड़ी विकास परियोजनाएं करोड़ों रुपये खर्च करके भी अधर में लटकी हुई हैं। कोरोना काल व अन्य कई कारणों से दर्जन भर अहम परियोजनाएं तय समयावधि पर पूरी नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में परियोजनाओं पर खर्च होने वाली राशि में तो बढ़ोतरी हो ही रही है। इसके अलावा समय पर परियोजनाओं का लाभ भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है।

विज्ञापन


तवी नदी पर कृत्रिम झील परियोजना पर 59 करोड़ की राशि खर्च होने के बावजूद इसका काम साल 2018 से ठप पड़ा हुआ है। परियोजना के ठेकेदार रहे एमएस जीवीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड ने 2010 में परियोजना पर काम शुरू किया था, लेकिन 2018 में वह काम को अधर में छोड़ चलते बने। सरकार ने जीवीआर कंपनी से ठेका खत्म कर अब नए सिरे से डीपीआर तैयार करवाने की प्रक्रिया शुरू की हुई है।
विज्ञापन


जम्मू रिंग रोड परियोजना का कार्य ठेका समझौता के तहत सात जनवरी 2021 को पूरा होना था, लेकिन कार्य पूरा न होने की वजह से अब सरकार ने निर्माण कंपनी को 31 मार्च 2022 तक का समय दिया है। जम्मू रिंग रोड का कार्य 1339 करोड़ की राशि से हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


चिनैनी सुद्धमहादेव सड़क चौड़ीकरण का कार्य 2018 में शुरू हुआ था और इसे 31 अगस्त 2021 तक पूरा होना है, लेकिन सरकारी रिकार्ड के तहत निर्माण कार्य अभी 50 फीसदी ही पूरा हो पाया है। सांबा जिले में प्रतिष्ठित एम्स परियोजना का कार्य 1253 करोड़ की राशि से किया जा रहा है।

आंकड़ों के तहत करीब बीस फीसदी कार्य हुआ

यह कार्य 2019 में शुरू हुआ था और तीन साल में 21 अगस्त 2022 को पूरा होना है। लेकिन कार्य की रफ्तार को देखते हुए सरकार ने 31 अगस्त 2023 तक के लिए समयावधि बढ़ा दी है। जमीन पर सरकारी आंकड़ों के तहत करीब बीस फीसदी कार्य ही हुआ है।

एक हजार मेगावाट क्षमता की पकलडुल परियोजना का कार्य 2014 में शुरू हुआ था इस कार्य को ठेका समझौता के तहत अप्रैल 2020 में पूरा होना चाहिए था, लेकिन कार्य अभी 30 फीसदी तक ही हो पाया है और सरकार ने जुलाई 2025 तक कार्य पूरा करने की नई डेडलाइन निर्माण एजेंसी को दी।

विकास परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। स्वयं भी परियोजना स्थलों का दौरा कर निर्माण एजेंसियों द्वारा किए गए कार्य की प्रगति को जांचा है। कोरोना काल में निर्माण कार्य में सुस्ती आई थी।-डॉ. राघव लंगर, मंडलायुक्त, जम्मू

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed