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उज्ज की बाढ़ ने उजाड़ी खेती
अमर उजाला/ब्यूरो, कठुअा
Updated Thu, 09 Apr 2015 01:42 AM IST
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हर साल बाढ़ की विभीषिका का सामना करने वाले उज्ज दरिया से सटे ग्रामीणों को इस बार बेमौसम की बारिश ने खूब रुलाया है।
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निचले मैदानी इलाकों में उज्ज दरिया से सटे गांवों में सैकड़ों कनाल कृषि भूमि बह गई है। नुकसान के बावजूद प्रशासनिक अमले द्वारा जायजा न लिए जाने से गुस्साए ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
हाईवे से निचले इलाकों के गांव माही चक, जरमाल, एरवां, पंडोरी और नंगल गांवों की कृषि भूमि उज्ज दरिया की बाढ़ से प्रभावित हुई है।
दरिया से सटे गांव में एकत्रित ग्रामीणों में शामिल सोम सिंह, गणेश दत्त, सीमा देवी, तारा चंद, कुलदीप कुमार ने कहा कि साल दर साल ग्रामीणों की उपजाऊ कृषि भूमि उज्ज दरिया की बाढ़ में बहती जा रही है, लेकिन बाढ़ नियंत्रण के इंतजाम करना तो दूर विभाग स्थिति का मुकम्मल जायजा लेने में भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहा।
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ग्रामीण संजय कुमार ने कहा कि इस बार उनकी अस्सी कनाल भूमि पर बाढ़ का व्यापक असर पड़ा है। कहीं भूमि बह गई है तो कहीं फसलें चौपट हो गई हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बाढ़ से व्यापक नुकसान हुआ हैं। दरिया से सटे गांवों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन अभी तक उनकी सुध नहीं ली गई है। ग्रामीणों ने कहा कि एक तो मुआवजा मिलना चाहिए और साथ ही बाढ़ नियंत्रण के स्थाई इंतजाम किए जाने चाहिए।
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