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Jammu News: कोरोना में सीखी क्रोशिया आर्ट, अब पढ़ाई के साथ बुन रहीं आत्मनिर्भरता
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जम्मू। हौसला बुलंद हो तो उम्र के किसी भी पड़ाव पर नई शुरुआत की जा सकती है। ऐसा ही कर दिखाया है नानक नगर की 22 वर्षीय खुशी ने, छोटी उम्र में हुनर और मेहनत के दम पर क्रोशिया आर्ट को नई पहचान दी। स्वेटर, टोपी और ऊनी कपड़ों तक सीमित माने जाने वाले कला को उन्होंने नए ट्रेंड से जोड़ते हुए खिलौने, फूल, सजावटी व गिफ्ट प्रोडक्ट और अन्य आकर्षक उत्पादों तक पहुंचा दिया।
आज वह न केवल व्यवसाय को संभाल रही हैं बल्कि कई महिलाओं के लिए रोजगार का जरिया भी बन चुकी हैं। वे बताती हैं कि कोविड के दौरान घर में ही क्रोशिया आर्ट सीखने की शुरुआत की। पहले सिर्फ शौक था लेकिन बाद में हस्तनिर्मित उत्पाद लोगों को पसंद आने लगे। उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर साझा करना शुरू किया जहां मिले प्रोत्साहन से आत्मविश्वास और बढ़ गया। आज वह लॉ की पढ़ाई के साथ-साथ ऑनलाइन व्यापार कर रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और प्रदर्शनियों के जरिये उत्पाद देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच रहे हैं। उन्हें दिल्ली, फरीदाबाद, पंजाब समेत कई स्थानों पर आयोजित क्राफ्ट प्रदर्शनियों में जाने का भी अवसर मिला। फरीदाबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेले में क्रोशिया उत्पादों से लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
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25 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा
काम बढ़ने के साथ खुशी ने अन्य महिलाओं को भी साथ जोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने 25 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा। कई महिलाएं पहले केवल स्वेटर और टोपी बनाने तक सीमित थीं लेकिन खुशी ने उन्हें आधुनिक क्रोशिया आर्ट की नई तकनीक और ट्रेंडिंग उत्पादों का प्रशिक्षण दिया। परिणाम यह हुआ कि अब महिलाओं को केवल सर्दियों में ही नहीं बल्कि पूरे वर्ष काम मिलने लगा है और उनके लिए आय का स्थायी स्रोत तैयार हुआ है।
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पूरे साल मिलने लगे ऑर्डर
खुशी के साथ जुड़ीं सोनिया का कहना है कि पहले काम केवल सर्दियों तक सीमित रहता था लेकिन अब पूरे साल ऑर्डर मिलने लगे हैं। उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2023 से क्रोशिया का काम कर रही हैं। पहले केवल स्वेटर और पारंपरिक ऊनी वस्तुएं बनानी आती थीं लेकिन खुशी के मार्गदर्शन में क्रोशिया को आधुनिक ट्रेंड के साथ जोड़ना सीखा। अब फूल, गिफ्ट आइटम्स, खिलौने और अन्य सजावटी उत्पाद तैयार कर रही हैं।
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ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बना आय का जरिया
अनू का कहना है कि वह पहले से क्रोशिया का काम करती थीं लेकिन घर से अधिक बाहर न निकल पाने के कारण उत्पाद केवल आसपास के लोगों तक सीमित रहते थे। खुशी से मुलाकात के बाद उन्होंने उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचना शुरू किया और आधुनिक ट्रेंड के अनुरूप नए डिजाइन व उत्पाद बनाने सीखे। अब उत्पाद स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हैं बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी ऑर्डर मिलने लगे हैं। आय बढ़ने से परिवार में आर्थिक सहयोग करने के काबिल बन चुकी है।
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आज वह न केवल व्यवसाय को संभाल रही हैं बल्कि कई महिलाओं के लिए रोजगार का जरिया भी बन चुकी हैं। वे बताती हैं कि कोविड के दौरान घर में ही क्रोशिया आर्ट सीखने की शुरुआत की। पहले सिर्फ शौक था लेकिन बाद में हस्तनिर्मित उत्पाद लोगों को पसंद आने लगे। उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर साझा करना शुरू किया जहां मिले प्रोत्साहन से आत्मविश्वास और बढ़ गया। आज वह लॉ की पढ़ाई के साथ-साथ ऑनलाइन व्यापार कर रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और प्रदर्शनियों के जरिये उत्पाद देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच रहे हैं। उन्हें दिल्ली, फरीदाबाद, पंजाब समेत कई स्थानों पर आयोजित क्राफ्ट प्रदर्शनियों में जाने का भी अवसर मिला। फरीदाबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेले में क्रोशिया उत्पादों से लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
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25 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा
काम बढ़ने के साथ खुशी ने अन्य महिलाओं को भी साथ जोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने 25 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा। कई महिलाएं पहले केवल स्वेटर और टोपी बनाने तक सीमित थीं लेकिन खुशी ने उन्हें आधुनिक क्रोशिया आर्ट की नई तकनीक और ट्रेंडिंग उत्पादों का प्रशिक्षण दिया। परिणाम यह हुआ कि अब महिलाओं को केवल सर्दियों में ही नहीं बल्कि पूरे वर्ष काम मिलने लगा है और उनके लिए आय का स्थायी स्रोत तैयार हुआ है।
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पूरे साल मिलने लगे ऑर्डर
खुशी के साथ जुड़ीं सोनिया का कहना है कि पहले काम केवल सर्दियों तक सीमित रहता था लेकिन अब पूरे साल ऑर्डर मिलने लगे हैं। उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2023 से क्रोशिया का काम कर रही हैं। पहले केवल स्वेटर और पारंपरिक ऊनी वस्तुएं बनानी आती थीं लेकिन खुशी के मार्गदर्शन में क्रोशिया को आधुनिक ट्रेंड के साथ जोड़ना सीखा। अब फूल, गिफ्ट आइटम्स, खिलौने और अन्य सजावटी उत्पाद तैयार कर रही हैं।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बना आय का जरिया
अनू का कहना है कि वह पहले से क्रोशिया का काम करती थीं लेकिन घर से अधिक बाहर न निकल पाने के कारण उत्पाद केवल आसपास के लोगों तक सीमित रहते थे। खुशी से मुलाकात के बाद उन्होंने उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचना शुरू किया और आधुनिक ट्रेंड के अनुरूप नए डिजाइन व उत्पाद बनाने सीखे। अब उत्पाद स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हैं बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी ऑर्डर मिलने लगे हैं। आय बढ़ने से परिवार में आर्थिक सहयोग करने के काबिल बन चुकी है।