JK: महिला का रेप कर करवाया जबरन धर्म परिवर्तन
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जिले की सुदूरवर्ती बनी तहसील से सनसनीखेज मामला सामने आया है। बनी से कठुआ जिला न्यायालय परिसर पहुंची एक महिला ने अपहरण, दुष्कर्म, जबरन धर्म परिवर्तन और उससे जबरन निकाह करने की शिकायत की है।
चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुई 32 वर्षीय महिला ने दो पुरुषों सहित छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगाई। कोर्ट ने बनी पुलिस को मामले की त्वरित जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
महिला ने शिकायत में बताया कि वह बनी तहसील के सिड़ा मोहड़े की रहने वाली है। सत्रह वर्ष पूर्व उसका विवाह हुआ। उसके तीन बच्चे भी हैं। पिछले पांच महीने से वह पति से अलग रह रही थी।
महिला के बच्चों को मौत के घाट उतारने की धमकी
महिला ने बताया कि 14 अगस्त को वह किसी काम से कठुआ आई। यहां से लौटते समय वह बनी के निकट स्थित पूंड गांव में बस से उतरी। इसी दौरान चंडियार के रहने वाले शब्बीर अहमद ने चाकू की नोक पर उसका अपहरण कर लिया।
वह उसे पूंड से बैकन ले गया। यहां से जंगल के रास्ते से उसे जबरन चंडियार ले जाया गया। चंडियार में उसे पंद्रह दिन तक एक ही कमरे में बंद रखा गया। इस दौरान शब्बीर अहमद उसके साथ दुष्कर्म करता रहा।
शिकायतकर्ता के अनुसार चंडियार में जहां उसे रखा गया था, वहां मौजूद महिलाओं ने भी उसे चुप रहने की धमकी दी। चुप नहीं रहने पर उसे और उसके बच्चों को मौत के घाट उतारने की धमकी दी।
मौका पाकर भाग निकली महिला
पंद्रह दिन बाद शब्बीर और उसका रिश्तेदार इरफान उसे टाटा सूमो वाहन से जम्मू कोर्ट ले गए। इस दौरान भी धमकी दी गई कि उससे जो कुछ करने को कहा जाए उसे बिना कुछ बोले करती जाए। कोई भी गड़बड़ करने पर मारने की धमकी देती जाती रही।
शिकायतकर्ता ने बताया कि कोर्ट में उससे कुछ दस्तावेजों पर साइन करवाए गए और मजिस्ट्रेट के सामने कहलवाया गया कि वह धर्म बदलना चाहती है। इसके बाद दोनों आरोपी उसे वापस चंडियार ले गए, जहां पर जबरन निकाह पढ़वाया गया।
महिला के अनुसार वह शाकाहारी है, लेकिन उसे दो पुरुषों समेत छह आरोपियों ने मांस भी खिलाया। चार अक्तूबर की रात साढ़े आठ बजे शब्बीर घर से बाहर था। बाकी लोग भी अपने काम में व्यस्त थे।
मौका पाकर वह जंगल की ओर भाग गई। रात भर जंगल में रहने के बाद सीधे कठुआ अदालत पहुंच गई। महिला ने शिकायत में कहा है कि चंडियार में रहते हुए उसे पता चला कि आरोपियों की पुलिस विभाग में भी पैठ है। इसीलिए वह थाने में जाने के बजाए अदालत में शिकायत करने पहुंच है।