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चोपड़ा हत्याकांड में दो को फांसी

Thu, 12 Feb 2015 12:15 PM IST
Updated Thu, 12 Feb 2015 12:15 PM IST
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two sentenced to death in chopra murder case

बहुचर्चित चोपड़ा हत्याकांड में दोषी पाए गए संग्राम सिंह और नंजू को प्रिंसिपल सेशन जज (जम्मू) आरएस जैन ने फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जज ने पाया कि दोनों दोषी पूर्व योजना के तहत राजिंद्र भूषण चोपड़ा के घर में घुसे। अदालत ने कहा कि दोषियों के चोपड़ा के घर में घुसने की कोई वजह नहीं थी।

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उनका एक ही मकसद था अपराध को अंजाम देना। दोनों ने खुद या फिर अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर घर में उपस्थित लोगों को प्रताड़ित किया, जिनमें चोपड़ा की पत्नी मधु चोपड़ा और उनकी युवा बेटी भी शामिल थी। घटनास्थल की तस्वीरों से पता चलता है कि उन्होंने कितनी क्रूरता और भीषण तरीके से उन पर कहर ढाया।
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पीड़ितों को दी गईं चोटों की हद से पता चलता है कि उस वक्त उनका मकसद उन्हें जान से मारने का था। अदालत ने कहा कि एक और महत्वपूर्ण उत्तेजक कारण यह है कि सामूहिक हत्याकांड में एक गृहणी और एक युवती को भी मार डाला गया। जिस क्रूरता से घटना को अंजाम दिया गया, उसे सजा तय करने के समय विचार में रखा गया।

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अदालत ने कहा, बेहद डरावना था हत्याकांड

two sentenced to death in chopra murder case

अदालत ने कहा कि घटना कितनी डरावनी थी, यह भी स्पष्ट है। मृतक पूरी तरह निर्दोष थे और इससे हत्यारे ज्यादा जघन्य नजर आए। हत्याकांड के लिए दी जाने वाली सजा में मौतों की संख्या के अलावा जिस क्रूरता से भयानक  हत्याकांड को अंजाम दिया, वह प्रतिबिंबित होना चाहिए।

वह पीड़ा हत्यारों को भी भुगतनी चाहिए। हत्या का मुख्य कारण कुछ पाना (आर्थिक लाभ) था, अन्यथा इस तरह एक साथ पांच लोगों की हत्या करने का कोई कारण नजर नहीं आ रहा। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए प्रिंसिपल सेशन जज आरएस जैन ने संग्राम पारधी को आरपीसी की धारा 320, 120-बी के तहत मौत की सजा सुनाई।

आदेश में कहा गया कि संग्र्राम को फांसी पर तब तक लटकाया जाए, जब तक उसकी मौत नहीं हो जाती। साथ ही अदालत ने अपने आदेश में कहा कि नंजू को भी इन धाराओं में दोषी पाया जाता है और उसे भी फांसी की सजा सुनाई जाती है। अदालत ने कहा कि दोषियों को दी गई सजा की पुष्टि के लिए आईपीसी की धारा 374 के तहत उच्च  न्यायालय के समक्ष पेश की जाए।

अदालत ने आगे कहा कि सीआरपीसी की धारा 512 के तहत आरोपी संजय कुमार के खिलाफ कार्यवाही शुरू की गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सामान्य वारंट जारी किया जाता है। जैसे ही संजय कुमार की गिरफ्तारी हो जाती है, उच्च न्यायालय में फाइल को पेश किया जा सकता है।
जेएनएफ

योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया

two sentenced to death in chopra murder case

प्रिंसिपल सेशन जज ने पाया कि दोनों हत्यारे  मध्य प्रदेश से जम्मू पहुंचे और अपराध को अंजाम देने के लिए बाकायदा योजना बनाई। अपराध के समय किसी की जान लेने की जरूरत पड़े, इसके लिए भी दोनोें तैयार थे और उन्हें पांच लोगों की जान लेने में किसी तरह का पछतावा भी नहीं हुआ।

पांच लोगों की मौत उनके परिवार के सदस्यों के लिए काफी प्रभाव डालने वाली है। अदालत ने कहा कि हत्यारों ने रोहित चोपड़ा और पुनीत चोपड़ा के अभिभावकों और उनकी बहन की हत्या की। साथ ही ड्राइवर जगन और नौकर सोनू के अभिभावकों पर भी घटना का प्रभाव पड़ा।

अदालत द्वारा पारित की जाने वाली कोई भी सजा इन तीनों परिवारों की पीड़ा को कम नहीं कर सकती। दोषियों ने पांच लोगों के जीवन के अधिकार की परवाह न करते हुए उनकी बेदर्दी से हत्या कर दी।

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