ठगों के निशाने पर महिलाएं और सुनार
शहर में ठगों की ठगी बढ़ती ही जा रही है। हर दूसरे-तीसरे दिन एक नई तरकीब के साथ ठग किसी न किसी को अपना शिकार बना लेते हैं। वे महिलाओं और सुनारों को सबसे ज्यादा निशाना बना रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि ठगी करने वाले गहनों की ठगी सबसे अधिक कर रहे हैं।
नकदी की ठगी के इक्का-दुक्का मामले ही सामने आए हैं। शहर में गहनों की ठगी के अलावा चोरी के मामलों में भी इजाफा हुआ है। इस माह गहनों की चोरी और ठगी की एक दर्जन के करीब घटनाएं आ चुकी हैं।
जानकारी के अनुसार इसी महीने 8 नबंवर को सतवारी थाना अंर्तगत एक महिला से साधुओं के भेष में दो लोगों ने ठगी कर गहने उड़ा लिए। इसी दिन वेयरहाउस के पास एक राह चलती महिला से साधुओं के भेष में दो लोगों ने गहने छीन लिए। 19 नबंवर और 22 नबंवर को पक्का डंगा पुलिस थाने के अंतर्गत एक महिला और सुनार की दुकान से ठगों ने गहने उड़ा लिए।
इसके अलावा 24 नबंवर को जानीपुर पुलिस ने लक्कड़ मंडी में दो घरों में गहनों की चोरी करने वाले पांच युवकों के गिरोह को पकड़ा। 26 नबंवर को फिर गंग्याल इलाके में ठगों ने एक सुनार की दुकान से गहने उड़ा लिए। इन घटनाओं में शामिल आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
कैसे कैसे हैं ठगी के हाइटेक तरीके
ठगी करने के लिए महिलाओं और सुनार की दुकानों को चुना जा रहा है। सुनार की दुकान पर काम करने के लिए ठग अपने लोग लगा देते हैं। जो कुछ दिन काम करते हैं और फिर मालिक का दिल जीत कर गहनों को उड़ा ले जाते हैं। महिलाओं को गहनों को दुगने करने का झांसा दिया जाता है। राह चलती उन महिलाओं को निशाना बनाया जाता है, जिनके पास खूब आभूषण हों। रास्ता पूछने के बहाने महिलाओं को रोका जाता है गहने छीन लिए जाते हैं।
फर्जी फोन कॉल का भी इस्तेमाल
ठगी की घटनाएं बैंकों में भी हो रही है। बैंक के उपभोक्ताओं को फर्जी फोन काल करके उनका बैंक अकाउंट हैक कर लिया जाता है। इसके बाद पैसे निकाल लिए जाते हैं। एक ऐसा गिरोह भी सक्रिय है, जो अपने पास कई लोगों के एटीएम कार्ड रखे हुए है। एटीएम कार्ड बदलकर एटीएम में उन लोगों को शिकार बनाया जाता है, जिनको एटीएम की कोई अधिक जानकारी नहीं होती।
वहीं इस संबंध में एसपी राहुल मलिक का कहना है कि पुलिस इन मामलों में अपना काम कर रही है। लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा। खासकर महिलाओं को सावधान रहने की आवश्यकता है। एक दिन पहले ही कुंजवानी में ठगी को अंजाम देने वाले लोगों की धरपकड़ के लिए पुलिस की ओर से छापेमारी की जा रही है, हालांकि अभी तक आरोपी नहीं पकड़े गए हैं। पुलिस ने जिस नंबर से काल आई थी, उसकी डिटेल निकाल ली है और उसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है।