{"_id":"261d58810239249be9bbd4305c9745e5","slug":"three-brothers-acquitted-of-charges-of-killing-eleven-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्यारह लोगों की हत्या के आरोप से तीन भाई बरी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ग्यारह लोगों की हत्या के आरोप से तीन भाई बरी
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 26 Jul 2014 06:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अभियोजन की विफलता के कारण टाडा व पोटा कोर्ट के पीठासीन अधिकारी संजीव गुप्ता ने ग्यारह लोगों की हत्या के आरोपी तीन सगे भाइयों को रिहा कर दिया।
विज्ञापन
मो. अनवर, मो. शरीफ और मो. ताज पर आरोप था कि वे आतंकी संगठन तहरीकए-मुजाहिदीन से जुड़े हैं और वर्ष 2002 में उन्होंने बहुचर्चित मेंढर हत्याकांड को अंजाम दिया था।
विज्ञापन
पुलिस केस के अनुसार 21 जनवरी 2002 की रात में तीनों भाइयों ने कुछ विदेशी आतंकियों के साथ मिलकर तहरीक-ए-मुजाहिदीन के सेल्फ स्टाइल एरिया कमांडर मो. नजीम के नेतृत्व में गांव बेहड़ा में नरसंहार किया था।
विज्ञापन
उस रात ग्यारह निर्दोष लोगों की हत्या की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया और अदालत में चालान पेश किया।
टाडा के पीठासीन अधिकारी संजीव गुप्ता ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि अदालत में आरोपियों के खिलाफ
पेश सबूत उन्हें अपराधी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
इतना ही नहीं, अभियोजन के दो साक्ष्य एक-दूसरे के विपरीत हैं और इससे आरोपियों को संदेह का लाभ मिलता है। तमाम बातों को देखते हुए कोर्ट ने अभियोजना के तर्कों को खारिज कर दिया। साथ ही आरोपियों को तमाम आरोपों से बरी कर दिया।