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दो मासूमों से रेप के दोषी को उम्र कैद की सजा
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Thu, 15 Dec 2016 09:13 PM IST
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उम्र कैद की सजा
- फोटो : File Photo
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बडगाम जिले की प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन कोर्ट द्वारा अतना बीरवाह के रहने वाले कमल जीत सिंह को वर्ष 2002 में 3 और 6 वर्ष की दो नाबालिग बच्चियों का अपहरण कर उनका रेप और हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई। घटना के बाद आरोपी के खिलाफ आरपीसी की धारा 364, 342,376,302 और 176 के तहत 113/2002 एफआईआर दर्ज की थी।
कोर्ट ने आरोपी को आरपीसी की धारा 366 के तहत 10 साल की सजा और 25,000 रुपये का जुर्माना, धारा 342 के तहत एक साल की सजा और 1,000 रुपये का जुर्माना, धारा 376 के तहत अंजाम उम्र कैद की सजा और 30,000 रुपये का जुर्माना, जबकि धारा 302 के तहत उम्र कैद की सजा और 45,000 रुपये का जुर्माना किया।
आरोपी पहले से ही पुलिस की गिरफ्त में है, इसलिए धारा 366 और 342 के तहत दी गई सजा काटी गई सजा माना जाएगा, जबकि कोर्ट द्वारा आरपीसी की धारा 376 और 302 के तहत आरोपी को जुर्माना और उम्र कैद की सजा काटनी होगी, अगर उच्च न्यायालय इसकी मंजूरी देता है। अब मामले को उच्च न्यायालय के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
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आरोपी को फिलहाल सेंट्रल जेल में रखा जाएगा और अगर हाईकोर्ट सजा पर मंजूरी देता है, तब भी आरोपी को 14 दिनों के भीतर सजा के खिलाफ अपील करने का मौका दिया जाएगा।
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कोर्ट ने आरोपी को आरपीसी की धारा 366 के तहत 10 साल की सजा और 25,000 रुपये का जुर्माना, धारा 342 के तहत एक साल की सजा और 1,000 रुपये का जुर्माना, धारा 376 के तहत अंजाम उम्र कैद की सजा और 30,000 रुपये का जुर्माना, जबकि धारा 302 के तहत उम्र कैद की सजा और 45,000 रुपये का जुर्माना किया।
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आरोपी पहले से ही पुलिस की गिरफ्त में है, इसलिए धारा 366 और 342 के तहत दी गई सजा काटी गई सजा माना जाएगा, जबकि कोर्ट द्वारा आरपीसी की धारा 376 और 302 के तहत आरोपी को जुर्माना और उम्र कैद की सजा काटनी होगी, अगर उच्च न्यायालय इसकी मंजूरी देता है। अब मामले को उच्च न्यायालय के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
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आरोपी को फिलहाल सेंट्रल जेल में रखा जाएगा और अगर हाईकोर्ट सजा पर मंजूरी देता है, तब भी आरोपी को 14 दिनों के भीतर सजा के खिलाफ अपील करने का मौका दिया जाएगा।