अनीता की मौत की जांच के सभी अधिकारी बदले
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू में पहले से ही लटक रही मेजर अनीता की मौत की जांच अब और लटक जाएगी। इस मामले की जांच से जुड़े तमाम अधिकारियों के तबादले हो गए हैं। पहले इस मामले के जांच अधिकारी को हटा लिया गया। इसके बाद एसएचओ और डीएसपी, एसएसपी और यहां तक कि जम्मू के आईजी तक बदल गए हैं। अनीता के परिवार ने कहा कि जम्मू कश्मीर के कानून पर उन्हें हैरानी होती है।
16 दिसंबर को चंबा की रहने वाली मेजर अनीता ने बाड़ी ब्राह्मणा स्थित सैन्य डिपो में अपने क्वार्टर में पिस्तौल से खुदकुशी कर ली। इस मामले की जांच थाने के सब इंस्पेक्टर जावेद को दी गई, लेकिन कुछ ही दिन बाद जावेद को थाने से हटाकर लाइन में भेज दिया।
जांच एसएचओ यशपाल सिंह जंबाल के पास पहुंची। कुछ दिन बाद जंबाल को भी ट्रांसफर कर दिया। अब कुछ दिन पहले जम्मू के आईजी बदल दिए गए। सांबा जिले के एसएसपी जोगिंदर सिंह भी बदल दिए गए। अब इस मामले के अहम जांच अधिकारी एसडीपीओ बाड़ी ब्राह्मणा कुलवीर हांडा भी बदल दिए गए हैं।
'केस दर्ज होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही'
इस घटना को हुए पूरे दो महीने हो चुके हैं। इन दो महीनों में जांच में साबित हो गया कि अनीता की मौत में उसकी मेजर मित्र अनूप का हाथ है। अनूप के खिलाफ अनीता से दुष्कर्म और उसे खुदकुशी के लिए उकसाने का केस भी दर्ज है।
बावजूद इसके पुलिस ने अब तक अनूप को नहीं पकड़ा और न ही उससे पूछताछ की। दो महीने की जांच में पुलिस आरोपी मेजर को पकड़ तो नहीं पाई, लेकिन इस जांच में शामिल तमाम छोटे-बड़े अधिकारी जरूर बदल दिए गए हैं।
मेजर अनीता की बहन सुनीता का कहना है कि समझ नहीं आता कि क्या कानून है। जहां पल-पल में जांच अधिकारियों को बदला जा रहा है। केस दर्ज होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही।