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J&K: चार दिन से लापता बच्चे का मिला अधजला शव, भड़के ग्रामीण, पुलिस के सिपाही को बनाया बंधक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 20 Jul 2018 08:31 PM IST
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उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में एक अगवा नाबालिग की अधजली लाश मिलने से गुस्साई लोगों की भीड़ द्वारा बंधक बनाए गए अपने साथी को छुड़ाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसमें तीन लोग जख्मी हो गए।
बंधक बनाए गए पुलिसकर्मी को छुड़ा तो लिया गया, लेकिन उसकी हालत गंभीर हैं। फिलहाल, उसका इलाज अस्पताल में किया जा रहा है। इस बीच, कुपवाड़ा में नाबालिग की हत्या के खिलाफ हड़ताल से सामान्य जनजीवन लगभग ठप होकर रह गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर भी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया है।
गौरतलब है कि गत सोमवार की शाम चार बजे गुलगाम कुपवाड़ा के रहने वाले फारुक अहमद मलिक का नौ वर्षीय पुत्र उमर फारुक घर से बाहर खेलने गया था और उसके बाद वह गायब हो गया था। उसके परिजनों ने उसके लापता होने की शिकायत भी दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस को उसका कोई सुराग नहीं मिला था। स्थानीय लोगों ने इस घटना के खिलाफ गत मंगलवार को कुपवाड़ा-टंगडार सड़क पर धरना भी दिया था।
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जिसके बाद, गत गुरुवार को गुलगाम से कुछ ही दूरी पर स्थित गुशी गांव में लोगों ने गांव के बाहरी छोर पर नाले के पास एक बच्चे की अधजली लाश देखी। उसका बायां बाजू भी कटा हुआ था। उन्होंने उसी समय पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया था। जांच में यह शव लापता उमर फारुक का पाया गया।
उमर का शव मिलने की खबर के साथ ही पूरे इलाके में तनाव फैल गया और पूरे इलाके में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन भी शुरु हो गए। इसी दौरान वहां मौजूद राज्य पुलिस की विशेष शाखा के एक कर्मी गुलाम मोहिउददीन को हिंसा पर उतारु भीड़ ने पकड़कर पीटा। भीड़ ने उन्हें बंधक बना एक कमरे में बंद कर दिया। इसका पता चलते ही एएसपी कुपवाड़ा के नेतृत्व में एक पुलिस दल उसे छ़ुडाने मौक पर पहुंचा। पुलिसदल ने बड़ी मुश्किल से कांस्टेबल गुलाम मोहउददीन को छुडाया। इस दौरान तीन लोग जख्मी हुए हैं। लेकिन पुलिस ने घायलों की पुष्टि नहीं की है।
एसएसपी कुपवाड़ा श्रीराम अंबरकर दिनकर ने कांस्टेबल को बंधक बनाने और पीटे जाने की पुष्टि करते हुए कहा इस मामले में एक एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपितों को चिन्हित किया जा रहा है। उन्हें जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग की लापता होने व उसकी निर्मम हत्या में लिप्त तत्वों के पकड़े जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि हमने पूरा मामला हल करने के लिए एसआईटी गठित की जा चुकी है। कुछ संदिग्ध तत्वों की निशानदेही कर उन्हें पूछताछ के लिए भी तलब किया जा रहा है।
इस बीच, नाबालिग की हत्या के खिलाफ शुक्रवार को सोगाम, कुपवाड़ा और लोलाब में लोगों ने पूर्ण हड़ताल रखी। सभी दुकानें और निजी प्रतिष्ठान बंद रहे। सरकारी कार्यालय हालांकि खुले थे, लेकिन प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखा। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी लगभग नाममात्र ही रही।
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बंधक बनाए गए पुलिसकर्मी को छुड़ा तो लिया गया, लेकिन उसकी हालत गंभीर हैं। फिलहाल, उसका इलाज अस्पताल में किया जा रहा है। इस बीच, कुपवाड़ा में नाबालिग की हत्या के खिलाफ हड़ताल से सामान्य जनजीवन लगभग ठप होकर रह गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर भी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया है।
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गौरतलब है कि गत सोमवार की शाम चार बजे गुलगाम कुपवाड़ा के रहने वाले फारुक अहमद मलिक का नौ वर्षीय पुत्र उमर फारुक घर से बाहर खेलने गया था और उसके बाद वह गायब हो गया था। उसके परिजनों ने उसके लापता होने की शिकायत भी दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस को उसका कोई सुराग नहीं मिला था। स्थानीय लोगों ने इस घटना के खिलाफ गत मंगलवार को कुपवाड़ा-टंगडार सड़क पर धरना भी दिया था।
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जिसके बाद, गत गुरुवार को गुलगाम से कुछ ही दूरी पर स्थित गुशी गांव में लोगों ने गांव के बाहरी छोर पर नाले के पास एक बच्चे की अधजली लाश देखी। उसका बायां बाजू भी कटा हुआ था। उन्होंने उसी समय पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया था। जांच में यह शव लापता उमर फारुक का पाया गया।
उमर का शव मिलने की खबर के साथ ही पूरे इलाके में तनाव फैल गया और पूरे इलाके में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन भी शुरु हो गए। इसी दौरान वहां मौजूद राज्य पुलिस की विशेष शाखा के एक कर्मी गुलाम मोहिउददीन को हिंसा पर उतारु भीड़ ने पकड़कर पीटा। भीड़ ने उन्हें बंधक बना एक कमरे में बंद कर दिया। इसका पता चलते ही एएसपी कुपवाड़ा के नेतृत्व में एक पुलिस दल उसे छ़ुडाने मौक पर पहुंचा। पुलिसदल ने बड़ी मुश्किल से कांस्टेबल गुलाम मोहउददीन को छुडाया। इस दौरान तीन लोग जख्मी हुए हैं। लेकिन पुलिस ने घायलों की पुष्टि नहीं की है।
एसएसपी कुपवाड़ा श्रीराम अंबरकर दिनकर ने कांस्टेबल को बंधक बनाने और पीटे जाने की पुष्टि करते हुए कहा इस मामले में एक एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपितों को चिन्हित किया जा रहा है। उन्हें जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग की लापता होने व उसकी निर्मम हत्या में लिप्त तत्वों के पकड़े जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि हमने पूरा मामला हल करने के लिए एसआईटी गठित की जा चुकी है। कुछ संदिग्ध तत्वों की निशानदेही कर उन्हें पूछताछ के लिए भी तलब किया जा रहा है।
इस बीच, नाबालिग की हत्या के खिलाफ शुक्रवार को सोगाम, कुपवाड़ा और लोलाब में लोगों ने पूर्ण हड़ताल रखी। सभी दुकानें और निजी प्रतिष्ठान बंद रहे। सरकारी कार्यालय हालांकि खुले थे, लेकिन प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखा। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी लगभग नाममात्र ही रही।