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धोखाधड़ी से प्लाट आवंटन करने पर 25 साल की जेल
जेएनएफ/जम्मू
Updated Fri, 29 Jul 2016 10:27 PM IST
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सैन्य कर्मी को आवंटित प्लाट को धोखाधड़ी से किसी और को ट्रांसफर करने के मामले में प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमए चौधरी की अदालत ने दोषी पाए गए राजबीर सिंह को 25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
दोषी को कारावास के अलावा 50 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया। क्राइम ब्रांच मामले के अनुसार सैन्य कर्मी ठाकरा सिंह निवासी गुड़ा सलाथिया ने 7 अप्रैल 2005 को शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायतकर्ता सैन्य कर्मी होने की वजह से सैनिक हाउस बिल्डिंग सोसाइटी सैनिक कालोनी जम्मू का सदस्यत बन गया। उसने प्लॉट और दुकान के लिए आवेदन कर अपना पंजीकरण करवाया। उसे सैनिक कालोनी में प्लाट संख्या 88-एफ और शॉप साइट जीएस-246 आवंटित की गई।
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दोनों के लिए उसने सोसाइटी को राशि जमा करवा दी। सोसाइटी के चेयरमैन और अन्य अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि औपचारिकताएं पूरी होने पर उसे सूचित कर दिया जाएगा। लेकिन आरोपियों ने साजिश के तहत उसके दस्तावेजों के साथ फर्जीवाड़ा कर प्लाट और दुकान किसी और के नाम ट्रांस्फर कर दी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए जब क्राइम ब्रांच ने छानबीन की तो फर्जीवाड़े की परतें खुल गईं।
इस मामले में आरोपी सोसाइटी के सचिव प्रीतम सिंह की मौत हो गई। क्राइम ब्रांच ने राजबीर सिंह निवासी गुड़ा सलाथिया सांबा और सोसाइटी के चेयरमैन कर्नल कालोनी एयरपोर्ट जम्मू निवासी को चार्जशीट किया। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कहा दोषी ने ऐसे व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी की है जिसने अपनी सारी उम्र देश की रक्षा और सुरक्षा में दे दी।
एक सैन्य कर्मी के भोलेपन का लाभ उठाकर उसके विश्वास के साथ धोखा किया गया है। आवेदक के दस्तावेजों के साथ भी फर्जीवाड़ा किया गया। अभियोजन के दौरान चेयरमैन की मौत हो गई। जबकि छानबीन के दौरान प्रीतम सिंह की मौत हो गई। राजबीर सिंह को आरपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी तहत दोषी मानते हुए प्रत्येक धारा के लिए पांच वर्ष की जेल की सजा सुनाई जाती हे।
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दोषी को कारावास के अलावा 50 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया। क्राइम ब्रांच मामले के अनुसार सैन्य कर्मी ठाकरा सिंह निवासी गुड़ा सलाथिया ने 7 अप्रैल 2005 को शिकायत दर्ज करवाई थी।
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शिकायतकर्ता सैन्य कर्मी होने की वजह से सैनिक हाउस बिल्डिंग सोसाइटी सैनिक कालोनी जम्मू का सदस्यत बन गया। उसने प्लॉट और दुकान के लिए आवेदन कर अपना पंजीकरण करवाया। उसे सैनिक कालोनी में प्लाट संख्या 88-एफ और शॉप साइट जीएस-246 आवंटित की गई।
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दोनों के लिए उसने सोसाइटी को राशि जमा करवा दी। सोसाइटी के चेयरमैन और अन्य अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि औपचारिकताएं पूरी होने पर उसे सूचित कर दिया जाएगा। लेकिन आरोपियों ने साजिश के तहत उसके दस्तावेजों के साथ फर्जीवाड़ा कर प्लाट और दुकान किसी और के नाम ट्रांस्फर कर दी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए जब क्राइम ब्रांच ने छानबीन की तो फर्जीवाड़े की परतें खुल गईं।
इस मामले में आरोपी सोसाइटी के सचिव प्रीतम सिंह की मौत हो गई। क्राइम ब्रांच ने राजबीर सिंह निवासी गुड़ा सलाथिया सांबा और सोसाइटी के चेयरमैन कर्नल कालोनी एयरपोर्ट जम्मू निवासी को चार्जशीट किया। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कहा दोषी ने ऐसे व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी की है जिसने अपनी सारी उम्र देश की रक्षा और सुरक्षा में दे दी।
एक सैन्य कर्मी के भोलेपन का लाभ उठाकर उसके विश्वास के साथ धोखा किया गया है। आवेदक के दस्तावेजों के साथ भी फर्जीवाड़ा किया गया। अभियोजन के दौरान चेयरमैन की मौत हो गई। जबकि छानबीन के दौरान प्रीतम सिंह की मौत हो गई। राजबीर सिंह को आरपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी तहत दोषी मानते हुए प्रत्येक धारा के लिए पांच वर्ष की जेल की सजा सुनाई जाती हे।