जम्मू में बढ़ रहा यूपी जैसे क्राइम, चार महीने में 15 रेप केस
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घर से पढ़ने और कामकाज के लिए निकलने वाली बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं रह गई हैं। पिछले चार महीने इस बात के गवाह हैं कि नारी शक्ति की किस कदर अस्मत लुटी। पिछले चार महीनों में दुष्कर्म के पंद्रह मामले सामने आ चुके हैं। इनमें एक दर्जन मामले ऐसे हैं, जिनमें अपहरण के बाद दुष्कर्म किया गया।
इसके अलावा हत्या, मारपीट, दहेज उत्पीड़न और छेड़छाड़ के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है। यहां तक कि बाहरी राज्यों की तरह अब जम्मू में भी अपराध होने लगे हैं। ताजा मामला शिवानी हत्याकांड का है। इसमें युवती का अपहरण कर पहले हत्या की गई, फिर लाश के छह टुकड़े कर दिए गए।
तीन महीने पहले की ही बात है, जब महिला की हत्या कर शव को बेड शीट में लपेट कर पति फरार हो गया, लेकिन दुष्कर्म के मामलों में बढ़ोतरी होना कई सवाल खड़े कर रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही दोमाना में ऐसा मामला सामने आ चुका है। इसी क्षेत्र में दो ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।
अधिकतर मामलों को अभी पुलिस सुलझा नहीं पाई है। बीते चार महीनों में जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोरी, उधमपुर और पुंछ जिलों में दुष्कर्म के 15 मामले सामने आ चुके हैं। दहेज के लिए भी महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है।
पानी में कूद कर दे रहीं जान
कुछ महीने पहले सांबा में एक युवती ने पुल से कूद कर जान दे दी। बीते दो महीनों में अखनूर के चिनाब दरिया में तीन महिलाएं कूद कर जान दे चुकी हैं। जम्मू की तवी नदी में भी पिछले दो महीने में एक युवती और महिला ने कूद कर जान दी।
इन सभी मामलों में शादीशुदा महिलाओं के घरेलू हिंसा के शिकार होने के बाद ऐसा करने का कारण सामने आया, तो युवतियों के प्रेम प्रसंग का। घरेलू हिंसा के पिछले चार महीनों में 30 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं।
नारी को सम्मान देना जरूरी
कहते हैं बच्चे के जन्म लेने के बाद मुंह से निकलने वाला पहला शब्द मां होता है। शायद यही वजह है कि मां सबसे खास होती है। दो दिन के बाद विश्व मातृ दिवस मनाया जाएगा, लेकिन पति की प्रताड़ना की शिकार होने वाली सुमन के साथ होने वाली घटना कई सवाल खड़े करती है।
मां समाज में सबसे सम्मानीय रिश्ता है, लेकिन किसी मां की बेटी प्रताड़ित हो रही है तो कोई मां खुद गंदी नजरों की शिकार हो रही है। वरिष्ठ महिला कार्यकर्ता लीला जंबाल कहती हैं कि जब हम मां शब्द को सम्मान नहीं दे सकते तो इस दिन को मनाने का कोई फायदा नहीं।
जब तक किसी की मां और किसी मां की ममता की कदर नहीं होगी, तब तक ऐसे 100 दिवस मना लिए जाएं, कोई लाभ नहीं होगा। समाज को पहले बदलना होगा।
बुजुर्ग से लेकर बच्ची तक कोई सुरक्षित नहीं
जनवरी
अखनूर: 65 वर्षीय महिला से दुष्कर्म
कठुआ: राजबाग में रिश्ते में भाई ने बहन की अस्मत लूटी
राजोरी: दो नाबालिगों को होटल में दुष्कर्म करने का प्रयास
सतवारी: इलाज के बहाने नाबालिग का महीनों दुष्कर्म
फरवरी
कानाचक: नेता के बेटे ने अपहरण कर शादीशुदा से दुष्कर्म किया
चिन्नौर: नाबालिग से गैंगरेप
मार्च
कठुआ: दसवीं कक्षा की छात्रा का अपहरण कर दो दिन तक दुष्कर्म
नरवाल मंडी: युवती से दुष्कर्म
गुलशन ग्राउंड: पुलिस क्वार्टर में पुलिस कर्मी समेत दो लोगों ने युवती से दुष्कर्म किया
आरएस पुरा: दुकानदार ने नाबालिग से दुष्कर्म किया
पुंछ: सरपंच ने नाबालिग से दुष्कर्म किया
अप्रैल
गंग्याल: नौकरी के बहाने युवती से दुष्कर्म
उधमपुर:12वी कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म
दोमाना: अपहरण कर नाबालिग से दुष्कर्म
मई
दोमाना: दुकानदार ने नाबालिग से दुष्कर्म किया