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नानक नगर से चोरी हुए एटीएम का चालान लौटाया
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 02 Dec 2014 12:03 AM IST
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नानक नगर इलाके में एटीएम तोड़ने की घटना के संबंध में पुलिस द्वारा दायर चालान को स्पेशल एक्साइज मैजिस्ट्रेट अमरजीत सिंह लंगेह ने वापस कर दिया। साथ ही पुलिस को निर्देश दिए कि स्पेशल टीम बनाकर मामले की जांच करवाई जाए।
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उल्लेखनीय है कि 40,17,090 रुपये के मामले में पुलिस ने अदालत में सीआरपीसी की धारा 512 के तहत बिना आरोपियों को पेश किए चालान प्रस्तुत किया था। साथ ही जांच एजेंसी के उस आग्रह को अदालत ने खारिज कर दिया, जिसमें आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्यवाही करने की इजाजत मांगी गई थी। जिसे अदालत ने गलत और दोषपूर्ण माना।
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चालान वापस करते हुए मैजिस्ट्रेट ने पाया कि आरोपियों के खिलाफ नानक नगर स्थित पीएनबी के एटीएम को चुराने का आरोप है, जिसमें 40.17 लाख रुपये थए। इस संबंध में गांधी नगर थाने में एफआईआर दर्ज हुई। जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने अदालत में इस आग्रह के साथ चालान पेश किया।
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रिकार्ड के अनुसार सभी नौ आरोपी जम्मू, सांबा और डोडा जिले के हैं। संबंधित थाने के एसएचओ के निर्देश पर गांधी नगर थाने की हद में आरोपियों की तलाश की गई। रिकार्ड में यह कहीं जिक्र नहीं है कि जांच अधिकारी ने चालान पेश करने से पहले अदालत से आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए किसी तरह का वारंट हासिल किया। न ही रिकार्ड में ऐसा कुछ इंगित हो रहा है कि जांच अधिकारी ने चालान के साथ आरोपियों को पेश करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए।
अदालत ने पाया कि संबंधित थाने के इंचार्ज ने पुलिस रूल 635 और पुलिस अधिनियम के तहत जो अनिवार्य कदम उठाने चाहिए थे, वह नहीं किए। ऐसा रिकार्ड पेश करना चाहिए था कि जब आरोपी जमानत पर थे तो जांच एजेंसी ने क्या कदम उठाए।
घोषित अपराधियों की अनुपस्थिति में चालान पेश करने की व्यवहार्यता वैधानिक दायित्व को माफ करने के रूप में नहीं लिया जा सकता। खासकर किसी पुलिस स्टेशन के इंचार्ज को पुलिस नियम 635 के तहत माफ नहीं किया जा सकता।
तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने चालान वापस करते हुए एसएसपी जम्मू को निर्देश दिए कि पुलिस अफसरों की विशेष टीम बनाई जाए, ताकि आरोपियों को ट्रायल के समय प्रस्तुत किया जा सके।