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50 करोड़ के घोटाले में नीलाम होगी दत्ता फाइनेंस
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 14 Sep 2014 12:53 AM IST
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अपने ग्राहकों की 50 करोड़ रुपये की राशि हड़पने वाली दत्ता फाइनेंस कंपनी की संपत्ति नीलाम करने के आदेश हाईकोर्ट ने दिए हैं। बहुचर्चित जनहित याचिका में आरोप लगाया गया कि दत्ता फाइनेंस कंपनी और अन्य ने लोगों के जमा 50 करोड़ रुपये हड़प लिए।
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जस्टिस हसनैन मसूदी और जस्टिस ताशी राबस्तन की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता के वकील एसएस लहर, मेहरबान सिंह और प्रतिवादी के वकील केएस जोहल, एके जोहल, पीएन रैना तथा जेए हमाल की दलीलें सुनने के बाद पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरबंस लाल शर्मा को दत्ता फाइनेंस कंपनी से जुड़ी संपत्ति का रिसीवर नियुक्त किया।
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साथ ही निर्देश दिए कि नियमों के अनुसार कंपनी की संपत्ति को नीलाम किया जाए। संपत्ति की नीलामी से संबंधित निर्देश देते हुए खंडपीठ ने रिसीवर को कहा कि वे संपत्ति पर कब्जा लें। साथ ही नीलामी के संबंध में विज्ञापन और सूचना देने के बाद उसकी नीलामी करें, ताकि संपत्ति की मार्केट वैल्यू के आधार पर रकम इकट्ठा की जा सके।
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खंडपीठ ने कहा कि संपत्ति की नीलामी के संबंध में आने वाले प्रस्ताव को खंडपीठ की सहमति से स्वीकार किया जाए। रिसीवर कंपनी की संपत्ति कब्जे में लेने के लिए पुलिस अथारिटी की मदद लेने को स्वतंत्र हैं। खंडपीठ ने पाया कि दो आवेदनों में कंपनी की तीन संपत्तियों और गांधी नगर स्थित एक घर को दर्शाया गया है।
उल्लेखनीय है कि दत्ता फाइनेंस द्वारा लोगों से जमा ली गई राशि वापस न लौटाने के बाद कई लोगों ने हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसके बाद इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया गया था।