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गृह उद्योग के नाम पर लोगों से हो रही ठगी
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 31 Aug 2016 12:44 AM IST
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धोखा
- फोटो : Demo Pic.
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बेरोजगारों को रोजगार और घर बैठे हजारों रुपये कमाने के विज्ञापनों के दावे पर कई लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। मशीन और किट मुहैया कराने के नाम पर लोगों से हजारों रुपये लिए जा रहे हैं और बाद में उन्हें कोई सामान भी नहीं दिया जा रहा है।
क्राइम ब्रांच और पुलिस से मिले आंकड़ों के अनुसार समाचार पत्रों में छपे विज्ञापनों से आकर्षित होकर कई लोग घरेलू उद्योग लगाने के लिए कंपनियों के झांसे में आए।
हाल ही में डिस्पोजल मशीन लगाने के नाम पर आरएस पुरा के जोगिंदर सिंह से लाखों रुपये ठग लिए गए। डूना, प्लेट आदि का उत्पादन करने वाली मशीन के लिए ढाई लाख रुपये तक ले लिए गए। मशीन भी नहीं दी।
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क्राइम ब्रांच और पुलिस से मिले आंकड़ों के अनुसार समाचार पत्रों में छपे विज्ञापनों से आकर्षित होकर कई लोग घरेलू उद्योग लगाने के लिए कंपनियों के झांसे में आए।
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हाल ही में डिस्पोजल मशीन लगाने के नाम पर आरएस पुरा के जोगिंदर सिंह से लाखों रुपये ठग लिए गए। डूना, प्लेट आदि का उत्पादन करने वाली मशीन के लिए ढाई लाख रुपये तक ले लिए गए। मशीन भी नहीं दी।
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घर बैठे कमाने के चक्कर में फंस रहे लोग
Fraud
- फोटो : Demo Pic.
छन्नी हिम्मत की सविता कुमारी ने भी विज्ञापन पढ़कर घर के खुले प्रांगण में टावर लगाने के लिए कंपनी को दस हजार रुपये दिए। टावर भी नहीं लगा और रुपयेे भी वापस नहीं मिले। प्लास्टिक बैग, जूट बैग, पापड़ आदि घरेलू उद्योग की स्थापना के लिए कई लोग अपने रुपये गवां चुके हैं।
बख्शी नगर के रमण कुमार के अनुसार डिस्पोजल मशीन लगाने के लिए पहले उससे पचास हजार रुपये मांगे गए। उन्हें बताया गया कि हर महीने घर बैठे पचास हजार रुपये की आमदनी होगी। मशीन भी नहीं मिली और अपना रुपया भी चला गया।
क्राइम ब्रांच के एसएसपी मुब्बसर लतीफी के अनुसार एक मामले में कोर्ट में चालान पेश किया है। ठगी हुई है और दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ऐसे भी मामले प्रकाश में आए हैं। जहां किट दी गई है और कुछ लोगों ने घर का सामान भी तैयार कर लिया। सामान तैयार करने के बाद उसे खरीदने का भी विज्ञापन कंपनी ने दावा किया, लेकिन उसे बाद में खरीदा भी नहीं गया। पुलिस ने ऐसे ठगों से बचने को कहा है।
बख्शी नगर के रमण कुमार के अनुसार डिस्पोजल मशीन लगाने के लिए पहले उससे पचास हजार रुपये मांगे गए। उन्हें बताया गया कि हर महीने घर बैठे पचास हजार रुपये की आमदनी होगी। मशीन भी नहीं मिली और अपना रुपया भी चला गया।
क्राइम ब्रांच के एसएसपी मुब्बसर लतीफी के अनुसार एक मामले में कोर्ट में चालान पेश किया है। ठगी हुई है और दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ऐसे भी मामले प्रकाश में आए हैं। जहां किट दी गई है और कुछ लोगों ने घर का सामान भी तैयार कर लिया। सामान तैयार करने के बाद उसे खरीदने का भी विज्ञापन कंपनी ने दावा किया, लेकिन उसे बाद में खरीदा भी नहीं गया। पुलिस ने ऐसे ठगों से बचने को कहा है।