फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   60 million embezzlement of government funds

सरकारी खजाने में 60.32 लाख की चपत

Sat, 14 Feb 2015 12:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Sat, 14 Feb 2015 12:24 PM IST
विज्ञापन
60 million embezzlement of government funds

सोलर आवास रोशनी योजना में लाखों रुपये के घोटाले के मामले में विजिलेंस ने कई विभागों के अधिकारियों के अलावा बंगलूरू की कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसमें एसएंडटी, पीएंडडी, पीडीडी, डीआईसी श्रीनगर, जेकेईडीए के अधिकारी शामिल हैं।

विज्ञापन


विजिलेंस के अनुसार सोलर आवास योजना की खरीद में भारी घोटाला हुआ और लाइटों का उपयोग वर्ष 2009-10 में नहीं किया गया। सत्यापन में खुलासा हुआ कि जेकेईडीए के अधिकारियों ने कुछ अनुमान क्षेत्रों के बिना बिजली वाले 68 दूरदराज गांवों के लिए संयुक्त राष्ट्र विद्युतीकरण कार्यक्रम के तहत बिना आवश्यकता के 12,367 एसएचएल खरीदने का प्रस्ताव रखा।
विज्ञापन


प्रोजेक्ट को छह माह में पूरा किया जाना था। 28 फरवरी 2009 को इस प्रस्ताव को पारित कर दिया गया। दिसंबर 2009 को परियोजना पूरी करने की शर्त के साथ केंद्रीय वित्तीय सहायता का 70 फीसदी, यानी एक करोड़ (99,84,100 रुपये) जेकेईडीए को स्थानांतरित कर दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


खरीद समिति ने जानबूझकर बेईमानी व धोखे से 6,872 एसएचएल खरीदने के लिए बीईएल बंगलूरू के पक्ष में खरीद आर्डर जारी कर दिया। इसके लिए 13,993 रुपये प्रति यूनिट रेट तय किया गया, जबकि मार्केट में उससे सस्ते दर पर एसएचएल उपलब्ध था।

खरीद का फैसला लेने के लिए वित्तीय सलाहकार को शामिल भी नहीं किया गया। इस तरह सरकारी खजाने में 18,27,952 रुपये की चपत लगी। इतना ही नहीं, नए रेट कांट्रेक्ट लागू करने से एक सप्ताह पहले बेईमानी से खरीद आदेश को अंतिम रूप दिया गया ताकि बीईएल लिमिटेड को लाभ पहुंचाया जा सके।


इस तरह कुल 60.32 लाख रुपये की चपत सरकारी खजाने को लगी। तमाम आरोपी विभागों के अधिकारियों ने फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज कर लिया। मामले की जांच जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed