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‘बच्ची को इंसाफ दिलाने को कर रहीं आमरण अनशन’
Updated Sun, 15 Apr 2018 01:36 AM IST
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हीरानगर।
रसाना कांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कूटा में चल रहे अनशन पर 15वें दिन भी अनशनकारी अपनी मांग पर अडे़ रहे। उन्होंने कहा कि दोषियों को बचाने के लिए नहीं, बल्कि बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए हम संघर्ष कर रहे हैं।
इनके समर्थन में बैठे हिंदू एकता मंच के नेता कांत कुमार, जोगेश सिंह, भागमल खजूरिया, राज खजूरिया ने कहा कि रसाना मामले को नेशनल न्यूज चैनल व कुछ समाचार पत्रों ने गलत तरीके से देश के सामने रखा। वे सीबीआई जांच की मांग कर रहे लोगों को मीडिया ने दोषियों का समर्थक बना दिया, जबकि हम बच्ची के इंसाफ के लिए लड़ रहे हैं। हम एक ही मांग कर रहे हैं कि जांच सीबीआई करें क्योंकि हमें क्राइम ब्रांच की जांच पर भरोसा नहीं। मामले की जांच कराने के लिए जिस प्रकार सरकार ने बार-बार जांच एजेंसी बदली तब हमें संदेह हुआ। तब से ही हमारा मंच जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहा है। हमारी इस मांग को मीडिया ने ऐसे पेश किया जैसे हम आरोपियों को छुड़ाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि इतने दिन से लोग आमरण अनशन कर रहे हैं और उनकी तरफ से कोई भी अधिकारी या नेता इनसे मिलने नहीं पहुंचा है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार यह मन बना चुकी है कि वह लोगों की आवाज को नहीं सुनना चाहती। सीबीआई जांच को लेकर हमारा संघर्ष शुरू हुआ था और आगे भी जारी रहेगा।
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रसाना कांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कूटा में चल रहे अनशन पर 15वें दिन भी अनशनकारी अपनी मांग पर अडे़ रहे। उन्होंने कहा कि दोषियों को बचाने के लिए नहीं, बल्कि बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए हम संघर्ष कर रहे हैं।
इनके समर्थन में बैठे हिंदू एकता मंच के नेता कांत कुमार, जोगेश सिंह, भागमल खजूरिया, राज खजूरिया ने कहा कि रसाना मामले को नेशनल न्यूज चैनल व कुछ समाचार पत्रों ने गलत तरीके से देश के सामने रखा। वे सीबीआई जांच की मांग कर रहे लोगों को मीडिया ने दोषियों का समर्थक बना दिया, जबकि हम बच्ची के इंसाफ के लिए लड़ रहे हैं। हम एक ही मांग कर रहे हैं कि जांच सीबीआई करें क्योंकि हमें क्राइम ब्रांच की जांच पर भरोसा नहीं। मामले की जांच कराने के लिए जिस प्रकार सरकार ने बार-बार जांच एजेंसी बदली तब हमें संदेह हुआ। तब से ही हमारा मंच जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहा है। हमारी इस मांग को मीडिया ने ऐसे पेश किया जैसे हम आरोपियों को छुड़ाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि इतने दिन से लोग आमरण अनशन कर रहे हैं और उनकी तरफ से कोई भी अधिकारी या नेता इनसे मिलने नहीं पहुंचा है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार यह मन बना चुकी है कि वह लोगों की आवाज को नहीं सुनना चाहती। सीबीआई जांच को लेकर हमारा संघर्ष शुरू हुआ था और आगे भी जारी रहेगा।
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