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हथियार
Updated Fri, 10 Aug 2018 02:20 AM IST
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श्रीनगर। सरकार ने शस्त्र लाइसेंस जारी करने से संबंधित मामलों की जांच और पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस विशेष प्रतिष्ठान के सदस्यों की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र को पूरे राज्य में विस्तार के लिए सहमति दी है। ज्ञात हो कि पिछले माह राज्य सरकार ने नियमों की अनदेखी करते हुए भारी संख्या में हथियार लाइसेंस जारी किए जाने की विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं।
राज्य के गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस विशेष प्रतिष्ठान उसी दौरान किए गए अन्य अपराधों या अन्य तथ्यों के बारे में भी जांच कर सकता है। ज्ञात हो कि राजस्थान की एटीएस रियासत से सैन्य कर्मियों को जारी 3000 से ज्यादा शस्त्र लाइसेंसों की जांच आपरेशन जुबैदा के तहत कर रही है। यह लाइसेंस रियासत में तैनाती के दौरान इन्हें जारी किए गए हैं। इनमें से कई लाइसेंस फर्जी पाए गए।
जांच में यह बात सामने आई कि फर्जी लाइसेंस जारी कराने वाला एक गिरोह सक्रिय हैं। इस मामले में एटीएस 52 लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। जांच में यह भी सामने आया कि पिछले एक दशक में सैन्य कर्मियों के नाम पर 3367 लाइसेंस जारी किए गए। इनका कोई रिकार्ड भी नहीं रखा गया। रियासत के आठ जिलों कुपवाड़ा, किश्तवाड़, गांदरबल, लेह, राजोरी, रामबन, रियासी व उधमपुर में काफी संख्या में लाइसेंस बनाए गए। जम्मू के साथ-साथ मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा तक फर्जी लाइसेंस बनाने वाले रैकेट का जाल बिछा हुआ है।
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राज्य के गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस विशेष प्रतिष्ठान उसी दौरान किए गए अन्य अपराधों या अन्य तथ्यों के बारे में भी जांच कर सकता है। ज्ञात हो कि राजस्थान की एटीएस रियासत से सैन्य कर्मियों को जारी 3000 से ज्यादा शस्त्र लाइसेंसों की जांच आपरेशन जुबैदा के तहत कर रही है। यह लाइसेंस रियासत में तैनाती के दौरान इन्हें जारी किए गए हैं। इनमें से कई लाइसेंस फर्जी पाए गए।
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जांच में यह बात सामने आई कि फर्जी लाइसेंस जारी कराने वाला एक गिरोह सक्रिय हैं। इस मामले में एटीएस 52 लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। जांच में यह भी सामने आया कि पिछले एक दशक में सैन्य कर्मियों के नाम पर 3367 लाइसेंस जारी किए गए। इनका कोई रिकार्ड भी नहीं रखा गया। रियासत के आठ जिलों कुपवाड़ा, किश्तवाड़, गांदरबल, लेह, राजोरी, रामबन, रियासी व उधमपुर में काफी संख्या में लाइसेंस बनाए गए। जम्मू के साथ-साथ मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा तक फर्जी लाइसेंस बनाने वाले रैकेट का जाल बिछा हुआ है।
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