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आतंकी हमला:बंद दरवाजों पर ग्रेनेड फेंकते चले गए आतंकी, चाकुओं से भी हमला
Updated Mon, 12 Feb 2018 01:45 AM IST
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जम्मू। शनिवार सुबह 4:30 बजे आतंकी सैन्य बिग्रेड में घुसे। 5:10 मिनट पर मेस जाने वाले एक जवान ने हमला होने की सूचना दी। इसके बाद सायरन बजा। सायरन बजने के बाद ग्रुप में चलने वाले आतंकी अलग अलग हो गए। आतंकी क्वार्टरों में घुस गए।
दरवाजे तोड़ने के लिए आतंकी ग्रेनेड फेंकते जा रहे थे। इसके छर्रों से कई लोग जख्मी हो गए। गोलियों की आवाज सुनकर जो भी बाहर निकला। आतंकियों ने उस पर चाकुओं और गोलियों से हमला कर दिया। आतंकी ग्रेेनेड भी फेंक रहे थे और गोलियां भी चला रहे थे। ऐसा करते करते वह आगे बढ़ते गए। सभी आतंकी अलग अलग हो गए और अलग अलग क्वार्टरों में घुस गए। सूत्रों का कहना है कि जेसीओ मोहम्मद अशरफ मीर और दो जवानों पर अलग अलग क्वार्टर में घुसे आतंकियों ने चाकू से हमला किया। हालांकि सेना की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई।
गोलियां बरसाते गए आतंकी, चीखते रहे बच्चे और महिलाएं
आतंकी जब गोलियां बरसा रहे थे तो क्वार्टरों से चीखने पुकारने की आवाजें आ रही थी। महिलाएं और बच्चे चीख रहे थे। लेकिन आतंकी उन पर ग्रेनेड फेंकते जा रहे थे। इसमें महिलाएं और बच्चे घायल हुए। इन चीखों को क्वार्टरों के पास रहने वाले स्थानीय लोगों ने भी सुना। क्वार्टरों के पास रहने वाले नदीम का कहना है कि सुबह तड़के गोलियां की तड़तड़ाहट से उनकी नींद खुली। पहले लगा कि बादल गरज रहे हैं। वह सो गया। लेकिन थोड़ी देर बाद लोगों के चीखने पुकारने की आवाजें आने लगीं।
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कुछ क्वार्टरों और कुछ स्कूल में
सुंजवां बिग्रेड में कर्फ्यू जैसा माहौल है। कुछ लोग क्वार्टरों में ही बंद है। कुछ लोग सैन्य स्कूल में पहुंचाए गए हैं। इन लोगों को बख्तर बंद वाहनों में खाना पहुंचाया गया है। शनिवार रात 2 बजे से फायरिंग नहीं हुई।
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दरवाजे तोड़ने के लिए आतंकी ग्रेनेड फेंकते जा रहे थे। इसके छर्रों से कई लोग जख्मी हो गए। गोलियों की आवाज सुनकर जो भी बाहर निकला। आतंकियों ने उस पर चाकुओं और गोलियों से हमला कर दिया। आतंकी ग्रेेनेड भी फेंक रहे थे और गोलियां भी चला रहे थे। ऐसा करते करते वह आगे बढ़ते गए। सभी आतंकी अलग अलग हो गए और अलग अलग क्वार्टरों में घुस गए। सूत्रों का कहना है कि जेसीओ मोहम्मद अशरफ मीर और दो जवानों पर अलग अलग क्वार्टर में घुसे आतंकियों ने चाकू से हमला किया। हालांकि सेना की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई।
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गोलियां बरसाते गए आतंकी, चीखते रहे बच्चे और महिलाएं
आतंकी जब गोलियां बरसा रहे थे तो क्वार्टरों से चीखने पुकारने की आवाजें आ रही थी। महिलाएं और बच्चे चीख रहे थे। लेकिन आतंकी उन पर ग्रेनेड फेंकते जा रहे थे। इसमें महिलाएं और बच्चे घायल हुए। इन चीखों को क्वार्टरों के पास रहने वाले स्थानीय लोगों ने भी सुना। क्वार्टरों के पास रहने वाले नदीम का कहना है कि सुबह तड़के गोलियां की तड़तड़ाहट से उनकी नींद खुली। पहले लगा कि बादल गरज रहे हैं। वह सो गया। लेकिन थोड़ी देर बाद लोगों के चीखने पुकारने की आवाजें आने लगीं।
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कुछ क्वार्टरों और कुछ स्कूल में
सुंजवां बिग्रेड में कर्फ्यू जैसा माहौल है। कुछ लोग क्वार्टरों में ही बंद है। कुछ लोग सैन्य स्कूल में पहुंचाए गए हैं। इन लोगों को बख्तर बंद वाहनों में खाना पहुंचाया गया है। शनिवार रात 2 बजे से फायरिंग नहीं हुई।