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बलात्कार के आरोपी को सात वर्ष की मिली सजा , सात वर्ष पूर्व किया था ये कुकर्म
Updated Mon, 02 Apr 2018 02:25 PM IST
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rape shimla
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रियासी। सात वर्ष पूर्व युवती से दुष्कर्म किए जाने के एक मामले में प्रिंसिपल सेशन जज एसआर गांधी ने एक युवक को सात वर्ष की सजा सुनाई है। केस के अनुसार चार मई 2011 को एक युवती ने अपनी मां के साथ पुलिस स्टेशन में अपने साथ दुष्कर्म किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि वारदात वाले दिन वह शाम को खेतों में गए अपने पालतू मवेशियाें को घर लाने के लिए गई थी।
इस बीचे वहां पहले से ही मौजूद युवक सुभाष चंद्र पुत्र दुर्गा दास निवासी छपानू कांजली ने पकड़ लिया और जमीन पर पटक दिया। बाद में उसका मुंह भी बंद कर दिया और जान से मारने की धमकी देते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद सुभाष चंद्र फरार हो गया।पुलिस में केस दर्ज होने के बाद इस मामले को पंचायत स्तर पर निपटाने की कई कोशिशें भी की गईं यहां तक कहा गया कि आरोपी युवक तथा पीड़ित युवती का आपस में विवाह करा देना चाहिए, लेकिन युवती के परिजनाें ने इसे मना कर दिया।
कोर्ट में पब्लिक प्रॉसिक्यूटर राशि बडू ने दलीलेें पेश करते हुए कहा कि इस केस को पंचायत स्तर पर निपटाने से समाज में अच्छा संदेश नहीं जाएगा। आरोपी को इसमें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।मामला दर्ज होने के बाद आरोपी को 17 मई 2011 को गिरफ्तार किया गया। बाद में उसेे तीन जून 2011 को बेल मिली थी। कोर्ट में सजा सुनाने के बाद आरोपी को जेल में भेज दिया गया। प्रिंसिपल सेशन जज ने आरोपी को सात वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपयेे जुर्माना भी किया।
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इस बीचे वहां पहले से ही मौजूद युवक सुभाष चंद्र पुत्र दुर्गा दास निवासी छपानू कांजली ने पकड़ लिया और जमीन पर पटक दिया। बाद में उसका मुंह भी बंद कर दिया और जान से मारने की धमकी देते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद सुभाष चंद्र फरार हो गया।पुलिस में केस दर्ज होने के बाद इस मामले को पंचायत स्तर पर निपटाने की कई कोशिशें भी की गईं यहां तक कहा गया कि आरोपी युवक तथा पीड़ित युवती का आपस में विवाह करा देना चाहिए, लेकिन युवती के परिजनाें ने इसे मना कर दिया।
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कोर्ट में पब्लिक प्रॉसिक्यूटर राशि बडू ने दलीलेें पेश करते हुए कहा कि इस केस को पंचायत स्तर पर निपटाने से समाज में अच्छा संदेश नहीं जाएगा। आरोपी को इसमें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।मामला दर्ज होने के बाद आरोपी को 17 मई 2011 को गिरफ्तार किया गया। बाद में उसेे तीन जून 2011 को बेल मिली थी। कोर्ट में सजा सुनाने के बाद आरोपी को जेल में भेज दिया गया। प्रिंसिपल सेशन जज ने आरोपी को सात वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपयेे जुर्माना भी किया।
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