{"_id":"6311170525b18e72c90ec637","slug":"crime-news-rspura-news-jmu2671533138","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापता बच्चे का नाले से मिला शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापता बच्चे का नाले से मिला शव
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अरनिया। डर कभी-कभी बेहद घातक साबित होता है। खासकर बच्चों के मामलों में। किसी घटना की आंखाेंदेखी या वाकये को वह इसलिए नहीं बताना चाहते, क्योंकि डरते हैं कि उन्हें ही न दोषी ठहरा दिया जाए। इस बीच बड़ा नुकसान हो जाता है। कुछ ऐसा ही मामला अरनिया थाना क्षेत्र के कूल गांव में सामने आया।
यहां पैर फिसलने से ऐक नाले में एक दस वर्षीय छात्र डूब गया, जबकि घटनास्थल पर उसके कुछ दोस्त मौजूद थे। बुधवार को दोपहर के समय हुई घटना के बारे में पता तब चला, जब शाम के समय लगभग चार घंटे बाद उन बच्चों ने सारी बात बताई। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि बुधवार को दोपहर बाद समर स्कूल से घर लौटा। इसके बाद खेलने चला गया। शाम तक नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू की। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उधर, बच्चे के गुम होने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अरनिया सुमित शर्मा गांव में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आसपास के बच्चों से भी बात की। इस पर बच्चों ने बताया कि दोपहर के समय वह ऐक नाले की ओर खेलने के लिए गए थे। इस बीच समर का पांव फिसलने से वह पानी में गिर गया।
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बच्चों ने बताया कि डर के कारण उन्होंने यह बात किसी को नहीं बताई। बच्चों से जानकारी मिलते ही एनडीआरएफ की टीम को सूचित किया गया। हालांकि देर शाम तक कुछ पता नहीं चला। वीरवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। करीब ग्यारह बजे ऐक नाले से समर का शव बरामद हुआ। उधर, जैसे ही शव बरामद होने की सूचना परिवार को मिली, घर में चीख पुकार मच गई।
आठ साल पहले भी हुआ था हादसा
ऐक नाले में डूबने से आठ साल पहले भी एक बच्चे की मौत हो गई थी। तब बच्छ दुआ पर्व था। महिलाएं नाले पर पूजा-अर्चना कर रहीं थी कि इस बीच एक बच्चा नाले में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
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यहां पैर फिसलने से ऐक नाले में एक दस वर्षीय छात्र डूब गया, जबकि घटनास्थल पर उसके कुछ दोस्त मौजूद थे। बुधवार को दोपहर के समय हुई घटना के बारे में पता तब चला, जब शाम के समय लगभग चार घंटे बाद उन बच्चों ने सारी बात बताई। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी।
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परिवार के सदस्यों का कहना है कि बुधवार को दोपहर बाद समर स्कूल से घर लौटा। इसके बाद खेलने चला गया। शाम तक नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू की। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उधर, बच्चे के गुम होने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अरनिया सुमित शर्मा गांव में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आसपास के बच्चों से भी बात की। इस पर बच्चों ने बताया कि दोपहर के समय वह ऐक नाले की ओर खेलने के लिए गए थे। इस बीच समर का पांव फिसलने से वह पानी में गिर गया।
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बच्चों ने बताया कि डर के कारण उन्होंने यह बात किसी को नहीं बताई। बच्चों से जानकारी मिलते ही एनडीआरएफ की टीम को सूचित किया गया। हालांकि देर शाम तक कुछ पता नहीं चला। वीरवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। करीब ग्यारह बजे ऐक नाले से समर का शव बरामद हुआ। उधर, जैसे ही शव बरामद होने की सूचना परिवार को मिली, घर में चीख पुकार मच गई।
आठ साल पहले भी हुआ था हादसा
ऐक नाले में डूबने से आठ साल पहले भी एक बच्चे की मौत हो गई थी। तब बच्छ दुआ पर्व था। महिलाएं नाले पर पूजा-अर्चना कर रहीं थी कि इस बीच एक बच्चा नाले में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।