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नारको टेरर फंडिंग : तीन हिजबुल आतंकियों समेत छह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल
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-पूर्व मंत्री जतिंदर सिंह मामले में आरोपियों की संख्या 18 हुई
- एसआईए ने अप्रैल 2022 में सिंडिकेट का किया था भंडाफोड़
- पकड़े गए आरोपियों में पुलिसकर्मी सैफुद्दीन भी शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने एक स्थानीय विशेष अदालत में शुक्रवार को नारको टेरर फंडिंग के एक मामले में पाकिस्तान स्थित हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकियों सहित छह आरोपियों के खिलाफ चौथा पूरक आरोप पत्र दायर किया है। ताजा आरोप पत्र के साथ मामले में आरोपियों की संख्या 18 हो गई है। एसआईए ने पूर्व मंत्री और नेचर-मैनकाइंड फ्रेंडली पार्टी के अध्यक्ष जतिंदर सिंह उर्फ बाबू सिंह से जुड़े हवाला मामले की जांच के बाद अप्रैल 2022 में सीमा पार से सक्रिय आतंकी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था। जतिंदर सिंह को बाद में 11 अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था और इन सबके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था। आरोपियों में एक पुलिसकर्मी सैफुद्दीन भी शामिल है, जिसे पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था। गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), नारकोटिक ड्रग साइकोट्रोपिक पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत चौथा पूरक आरोप पत्र दीन, मोहम्मद शरीफ चेची और फारूक अहमद जंगल के अलावा पाकिस्तान स्थित हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों हमीदुल्ला खुरू, फारूक अहमद शॉल और जावेद अहमद चालकू के खिलाफ दाखिल किया गया है। चेची और जंगल को एसआईए ने पिछले साल अगस्त और दिसंबर में गिरफ्तार किया था
नशे की खेप बेचकर आतंक का करते थे वित्त पोषण
मामले से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि आरोपी पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर से उड़ी, हथलंगा, बारामुला में हेरोइन की तस्करी करते थे। उसके बाद नशे की खेप को जम्मू में बेचकर पैसा इकट्ठा करते थे। फिर इस पैसे को आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के लिए काम कर रहे ओवर ग्राउंड वर्कर्स तक पहुंचाते थे। इस पैसे को विभिन्न बैंकिंग चैनलों में जमा कर इसका उपयोग भारत की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा को चुनौती देने के लिए राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों और अन्य आतंकवादी कृत्यों को बढ़ावा देने के लिए किया जाता था।
दस लाख रुपये किए थे जब्त, 70 लाख किए थे सीज
एसआईए जम्मू ने 10 लाख रुपये जब्त करने के साथ बैंक खातों में जमा 70 लाख रुपये से अधिक की राशि को सीज किया था। यह रकम सीमा पार से तस्करी किए गए नशीले पदार्थों की बिक्री कर हासिल की गई थी। अधिकारी ने बताया कि कानून की संबंधित धाराओं के तहत आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
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सुव्यवस्थित ड्रग सिंडिकेट
जांच से पता चला कि एक सुव्यवस्थित ड्रग सिंडिकेट था, जिसमें फारूक अहमद नाइकू (जो दुबई से काम कर रहा था), मोहम्मद रफीक नजर, मुबाशिर मुश्ताक फाफू, ऐनाज अहमद सयाम, चेची, जंगल और दीन शामिल थे।
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- एसआईए ने अप्रैल 2022 में सिंडिकेट का किया था भंडाफोड़
- पकड़े गए आरोपियों में पुलिसकर्मी सैफुद्दीन भी शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने एक स्थानीय विशेष अदालत में शुक्रवार को नारको टेरर फंडिंग के एक मामले में पाकिस्तान स्थित हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकियों सहित छह आरोपियों के खिलाफ चौथा पूरक आरोप पत्र दायर किया है। ताजा आरोप पत्र के साथ मामले में आरोपियों की संख्या 18 हो गई है। एसआईए ने पूर्व मंत्री और नेचर-मैनकाइंड फ्रेंडली पार्टी के अध्यक्ष जतिंदर सिंह उर्फ बाबू सिंह से जुड़े हवाला मामले की जांच के बाद अप्रैल 2022 में सीमा पार से सक्रिय आतंकी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था। जतिंदर सिंह को बाद में 11 अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था और इन सबके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था। आरोपियों में एक पुलिसकर्मी सैफुद्दीन भी शामिल है, जिसे पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था। गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), नारकोटिक ड्रग साइकोट्रोपिक पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत चौथा पूरक आरोप पत्र दीन, मोहम्मद शरीफ चेची और फारूक अहमद जंगल के अलावा पाकिस्तान स्थित हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों हमीदुल्ला खुरू, फारूक अहमद शॉल और जावेद अहमद चालकू के खिलाफ दाखिल किया गया है। चेची और जंगल को एसआईए ने पिछले साल अगस्त और दिसंबर में गिरफ्तार किया था
नशे की खेप बेचकर आतंक का करते थे वित्त पोषण
मामले से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि आरोपी पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर से उड़ी, हथलंगा, बारामुला में हेरोइन की तस्करी करते थे। उसके बाद नशे की खेप को जम्मू में बेचकर पैसा इकट्ठा करते थे। फिर इस पैसे को आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के लिए काम कर रहे ओवर ग्राउंड वर्कर्स तक पहुंचाते थे। इस पैसे को विभिन्न बैंकिंग चैनलों में जमा कर इसका उपयोग भारत की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा को चुनौती देने के लिए राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों और अन्य आतंकवादी कृत्यों को बढ़ावा देने के लिए किया जाता था।
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दस लाख रुपये किए थे जब्त, 70 लाख किए थे सीज
एसआईए जम्मू ने 10 लाख रुपये जब्त करने के साथ बैंक खातों में जमा 70 लाख रुपये से अधिक की राशि को सीज किया था। यह रकम सीमा पार से तस्करी किए गए नशीले पदार्थों की बिक्री कर हासिल की गई थी। अधिकारी ने बताया कि कानून की संबंधित धाराओं के तहत आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
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सुव्यवस्थित ड्रग सिंडिकेट
जांच से पता चला कि एक सुव्यवस्थित ड्रग सिंडिकेट था, जिसमें फारूक अहमद नाइकू (जो दुबई से काम कर रहा था), मोहम्मद रफीक नजर, मुबाशिर मुश्ताक फाफू, ऐनाज अहमद सयाम, चेची, जंगल और दीन शामिल थे।