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डेबिट और एटीएम कार्ड का झांसा देकर मल्टीनेशनल बैंक कर रहे ठगी
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बाड़ी ब्राह्मणा। अकाउंट से ठगी के मामले में सिर्फ फोन पर एटीएम बंद होने का झांसा देकर ही नहीं की जा रही है, बल्कि ऑनलाइन ठगी के मामले में निजी बैंक खुद भी सक्रिय हो रहे हैं। यह बैंक डेबिट कार्ड और एटीएम कार्ड का झांसा देेकर उपभोक्ता के खाते से अच्छी खासी रकम निकाल ले रहे हैं। विशेष बात यह है कि अगर कोई उपभोक्ता बैंक में शिकायत करने पहुंच गया तो उसे कार्ड का वार्षिक शुल्क या कोई अन्य शुल्क बताकर गुमराह कर दिया जाता है।
ऐसा ही एक मामला बाड़ी ब्राह्मणा का प्रकाश में आया है। डोगरा कॉलेज रोड पर इरफान रहते हैं। उनका खाता बाड़ी ब्राह्मणा स्थित एक निजी बैंक में है। दो दिन पहले उनके खाते से 590 रुपये काट लिए गए। बैंक की तरफ से उनके मोबाइल पर एक मैसेज गया जिसमें डेबिट कार्ड का वार्षिक शुल्क का हवाला दिया। इरफान को चिंता यह हुई कि उनका खाता सैलरी अकाउंट है और करीब 15 साल से चल रहा है। उन्होंने बैंक से कोई क्रेेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड भी नहीं लिया है। इन 15 साल में उनके साथ ऐसा पहली बार हुआ है कि उनके खाते से डेबिट कार्ड के शुल्क में 590 रुपये काटे गए हैं। इरफान ने इस बाबत बैंक की शाखा में संपर्क किया और पैसे काटने की बात बताई। बैंक कर्मियों ने उनकी समस्या सुनी, और उन्हें यूं गुमराह किया कि आपका एटीएम कार्ड ही डेबिट कार्ड का भी काम कर रहा है। इसलिए यह शुल्क काटा गया है। जब इरफान ने यह कहा कि एटीएम कार्ड पर तो किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। तो बैंक कर्मियों ने खाते की डिटेल देखी और अकाउंट में कई वर्ष से सैलरी न आने पर उसे सेविंग अकाउंट में बदलने का हवाला दिया गया। लेकिन इरफान का सवाल था कि यह पहली बार ही शुल्क क्यों लिया गया। 15 साल से क्यों नहीं लिया गया, और अगर सेविंग अकाउंट से इस तरह से पैसा कटेगा तो क्यों न मैं इस खाते को बंद करके सारा पैसा उस बैंक में ले जाऊं जहां मेरा नया सैलरी अकाउंट है।
उपभोक्ता इरफान और बैंक के प्रतिनिधियों में इस कटौती को लेकर काफी बहस हुई और दोनों तरफ से काफी वार्तालाप हुआ। अंत में बैंक प्रतिनिधियों यह आश्वासन दिया है कि उनका पैसे तकरीबन 45 दिन के अंदर वापस कर दिया जाएगा। हालांकि इस बीच बैंक प्रतिनिधियों ने यह भी सुझाव दिया कि आप एटीएम कार्ड के वार्षिक शुल्क कम शुल्क का प्लान भी ले सकते हैं। इस पूरे मामले में बात यह निकलकर आई है कि निजी बैंक उपभोक्ताओं से ठगी कर रहे हैं।
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खाते की डिटेल देखी गई है। जो पैसा काटा गया है वह डेबिट कार्ड का शुल्क काटा गया है। इस बारे में और जांच की जा रही है, अगर पैसा गलत तरीके से कटा है तो वह वापस कर दिया जाएगा, लेकिन पूरी प्रक्रिया में तकरीबन 45 दिन का समय लगेगा।
-अनिल कुमार, शाखा प्रबंधन, निजी बैंक।
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ऐसा ही एक मामला बाड़ी ब्राह्मणा का प्रकाश में आया है। डोगरा कॉलेज रोड पर इरफान रहते हैं। उनका खाता बाड़ी ब्राह्मणा स्थित एक निजी बैंक में है। दो दिन पहले उनके खाते से 590 रुपये काट लिए गए। बैंक की तरफ से उनके मोबाइल पर एक मैसेज गया जिसमें डेबिट कार्ड का वार्षिक शुल्क का हवाला दिया। इरफान को चिंता यह हुई कि उनका खाता सैलरी अकाउंट है और करीब 15 साल से चल रहा है। उन्होंने बैंक से कोई क्रेेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड भी नहीं लिया है। इन 15 साल में उनके साथ ऐसा पहली बार हुआ है कि उनके खाते से डेबिट कार्ड के शुल्क में 590 रुपये काटे गए हैं। इरफान ने इस बाबत बैंक की शाखा में संपर्क किया और पैसे काटने की बात बताई। बैंक कर्मियों ने उनकी समस्या सुनी, और उन्हें यूं गुमराह किया कि आपका एटीएम कार्ड ही डेबिट कार्ड का भी काम कर रहा है। इसलिए यह शुल्क काटा गया है। जब इरफान ने यह कहा कि एटीएम कार्ड पर तो किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। तो बैंक कर्मियों ने खाते की डिटेल देखी और अकाउंट में कई वर्ष से सैलरी न आने पर उसे सेविंग अकाउंट में बदलने का हवाला दिया गया। लेकिन इरफान का सवाल था कि यह पहली बार ही शुल्क क्यों लिया गया। 15 साल से क्यों नहीं लिया गया, और अगर सेविंग अकाउंट से इस तरह से पैसा कटेगा तो क्यों न मैं इस खाते को बंद करके सारा पैसा उस बैंक में ले जाऊं जहां मेरा नया सैलरी अकाउंट है।
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उपभोक्ता इरफान और बैंक के प्रतिनिधियों में इस कटौती को लेकर काफी बहस हुई और दोनों तरफ से काफी वार्तालाप हुआ। अंत में बैंक प्रतिनिधियों यह आश्वासन दिया है कि उनका पैसे तकरीबन 45 दिन के अंदर वापस कर दिया जाएगा। हालांकि इस बीच बैंक प्रतिनिधियों ने यह भी सुझाव दिया कि आप एटीएम कार्ड के वार्षिक शुल्क कम शुल्क का प्लान भी ले सकते हैं। इस पूरे मामले में बात यह निकलकर आई है कि निजी बैंक उपभोक्ताओं से ठगी कर रहे हैं।
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खाते की डिटेल देखी गई है। जो पैसा काटा गया है वह डेबिट कार्ड का शुल्क काटा गया है। इस बारे में और जांच की जा रही है, अगर पैसा गलत तरीके से कटा है तो वह वापस कर दिया जाएगा, लेकिन पूरी प्रक्रिया में तकरीबन 45 दिन का समय लगेगा।
-अनिल कुमार, शाखा प्रबंधन, निजी बैंक।