{"_id":"5ee513058ebc3e42ce0b5ab3","slug":"crime-jammu-news-jmu2120905106","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार के आरोपों का वीडियो गलत साबित हुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रष्टाचार के आरोपों का वीडियो गलत साबित हुआ
विज्ञापन
वायरल वीडियो की जांच के ढांगरी पहुंची अधिकारियों की टीम।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजोरी। हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें एक व्यक्ति ने ब्लॉक विकास कार्यालय (बीडीओ) ढांगरी के कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए, लेकिन जब वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने तथ्यों की जांच के लिए मौके पर पहुंची तो आरोप गलत साबित हुए।
जानकारी के अनुसार ब्लॉक ढांगरी के गांव बल जरालां के निवासी एक व्यक्ति ने बीडीओ ढांगरी के कर्मचारियों पर एक समाचार पोर्टल को दिए साक्षात्कार में विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। इसका वीडियो वायरल हुआ। वीडियो के अनुसार एक ग्रामीण ने आरोप लगाया कि विभाग के कर्मचारी घर, शौचालय आदि के लिए गरीबों के लिए बनाई योजना की फाइल को पास करने के लिए रिश्वत की मांग करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोग अपना काम करते हैं, जबकि गरीबों का काम करने के लिए उनसे रिश्वत मांगी जाती है।
जब यह वीडियो एसीडी सुशील कुमार खजूरिया के पास पहुंचा, तो उन्होंने तुरंत इस मामले का संज्ञान लेते हुए एक टीम का गठन किया। तथ्य का पता लगाने के लिए एसीडी स्वयं, बीडीओ ढांगरी, जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीओ) डॉ. खाबीर, संबंधित सरपंच विवेक शर्मा और अन्य कर्मचारियों के साथ गांव में पहुंचे। आश्चर्यजनक रूप से जब यह टीम गांव में पहुंची और उस व्यक्ति से आरोपों का आधार साबित करने के लिए कहा, लेकिन वह साबित नहीं कर सका।
विज्ञापन
एसीडी ने बताया कि अधिकारियों की टीम मीडिया को भी अपने साथ ले गई थी, ताकि हर तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आए। वरिष्ठ अधिकारियों ने उस व्यक्ति को नाम बताने और कर्मचारियों की पहचान करने के लिए कहा, जिन्होंने उससे रिश्वत की मांग की थी, लेकिन यह चौंकाने वाला था कि वह किसी को भी पहचान नहीं पाया और आरोपों को साबित नहीं कर सका। वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीओ) डॉ. खाबीर ने कहा कि वीडियो में लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। विभाग की छवि को धूमिल करने के लिए उस व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार ब्लॉक ढांगरी के गांव बल जरालां के निवासी एक व्यक्ति ने बीडीओ ढांगरी के कर्मचारियों पर एक समाचार पोर्टल को दिए साक्षात्कार में विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। इसका वीडियो वायरल हुआ। वीडियो के अनुसार एक ग्रामीण ने आरोप लगाया कि विभाग के कर्मचारी घर, शौचालय आदि के लिए गरीबों के लिए बनाई योजना की फाइल को पास करने के लिए रिश्वत की मांग करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोग अपना काम करते हैं, जबकि गरीबों का काम करने के लिए उनसे रिश्वत मांगी जाती है।
विज्ञापन
जब यह वीडियो एसीडी सुशील कुमार खजूरिया के पास पहुंचा, तो उन्होंने तुरंत इस मामले का संज्ञान लेते हुए एक टीम का गठन किया। तथ्य का पता लगाने के लिए एसीडी स्वयं, बीडीओ ढांगरी, जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीओ) डॉ. खाबीर, संबंधित सरपंच विवेक शर्मा और अन्य कर्मचारियों के साथ गांव में पहुंचे। आश्चर्यजनक रूप से जब यह टीम गांव में पहुंची और उस व्यक्ति से आरोपों का आधार साबित करने के लिए कहा, लेकिन वह साबित नहीं कर सका।
विज्ञापन
एसीडी ने बताया कि अधिकारियों की टीम मीडिया को भी अपने साथ ले गई थी, ताकि हर तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आए। वरिष्ठ अधिकारियों ने उस व्यक्ति को नाम बताने और कर्मचारियों की पहचान करने के लिए कहा, जिन्होंने उससे रिश्वत की मांग की थी, लेकिन यह चौंकाने वाला था कि वह किसी को भी पहचान नहीं पाया और आरोपों को साबित नहीं कर सका। वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीओ) डॉ. खाबीर ने कहा कि वीडियो में लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। विभाग की छवि को धूमिल करने के लिए उस व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।