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शकुंतला फ्लाई ओवर पर ईरा से मांगा रिकार्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 02 Jan 2015 12:42 PM IST
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शकुंतला फ्लाई ओवर योजना को ठप करने के संबंध में दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जेएंडके ईरा के प्रबंध निदेशक को रिकार्ड के साथ अदालत में पेश होने को कहा है। जनहित याचिका में कहा गया कि जेल रोड और न्यू प्लाट को जोड़ने वाले प्रस्तावित शकुंतला चौक-बलविंदर चौक-अंबफला फ्लाई ओवर को कुछ खास कारणों से वर्ष 2008 में ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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ईरा की ओर से इस याचिका के विरोध में दायर जवाब में यह नहीं बताया गया कि योजना को बंद कर दिया गया है। जवाब में कहा गया कि या तो इसे स्थगित किया गया है या फिर राइट्स की ओर से पेश मोबिलिटी प्लान के तहत इसकी फिर से समीक्षा करने की जरूरत है। वर्ष 2008 में स्टेट और एशियन डेवलपमेंट बैंक के बीच लोन एग्रीमेंट के बारे में भी कोई स्पष्ट जिक्र नहीं किया गया।
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पारा 2 में पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी) की ओर से यह बताने का प्रयास किया गया कि फ्लाई ओवर प्रोजेक्ट को रोक दिया गया और राइट्स की ओर से मोनो रेल बनाने के नए अनुमोदन विचाराधीन है। ईरा के आब्जेक्शन पर गौर करते हुए चीफ जस्टिस एमएम कुमार और धीरज सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने कहा कि फ्लाई ओवर प्रोजेक्ट अभी जीवित है या इसे बंद कर दिया गया है।
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यह जानने के लिए योजना के रिकार्ड की जरूरत है। अदालत ने उक्त रिकार्ड पेश करने के निर्देश देते हुए कहा कि ईरा के एमडी के सहयोग की जरूरत है। मामले की अगली सुनवाई पर एमडी रिकार्ड सहित अदालत में उपस्थित हों।
जेएनएफ