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Jammu News: तीन साल में चोरी का नहीं लगा सुराग, कोर्ट ने मामला बंद करने की दी अनुमति
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वर्ष 2022 से जांच में जुटी थी पुलिस
सांबा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सांबा की अदालत ने थाना विजयपुर में दर्ज चोरी के एक मामले में पुलिस को जांच बंद करने की अनुमति दे दी है। मामला 2022 का है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
अदालत के समक्ष पेश अंतिम रिपोर्ट में पुलिस ने बताया कि तमाम प्रयासों के बावजूद आरोपियों का पता नहीं लगाया जा सका है। मामले की शिकायतकर्ता मधु बाला पत्नी रोहित शर्मा निवासी विजयपुर (रामपुर) ने भी अदालत में शपथपूर्वक बयान दर्ज कराते हुए जांच से संतोष जताया और केस बंद किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं की। अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद कहा कि अक्तूबर 2022 में शुरू हुई जांच को तीन वर्ष से अधिक समय बीत चुका है लेकिन आरोपी अब तक अज्ञात हैं। ऐसे में शिकायतकर्ता के बयान और पुलिस की कोशिशों को देखते हुए थाना विजयपुर को जांच बंद करने की अनुमति दी जाती है।
हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में किसी आरोपी या चोरी गई संपत्ति से जुड़ा कोई अहम सुराग मिलता है तो जांच दोबारा शुरू की जा सकेगी। आदेश के बाद मामला अभिलेखागार में दर्ज कर दिया गया है। संवाद
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सांबा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सांबा की अदालत ने थाना विजयपुर में दर्ज चोरी के एक मामले में पुलिस को जांच बंद करने की अनुमति दे दी है। मामला 2022 का है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
अदालत के समक्ष पेश अंतिम रिपोर्ट में पुलिस ने बताया कि तमाम प्रयासों के बावजूद आरोपियों का पता नहीं लगाया जा सका है। मामले की शिकायतकर्ता मधु बाला पत्नी रोहित शर्मा निवासी विजयपुर (रामपुर) ने भी अदालत में शपथपूर्वक बयान दर्ज कराते हुए जांच से संतोष जताया और केस बंद किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं की। अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद कहा कि अक्तूबर 2022 में शुरू हुई जांच को तीन वर्ष से अधिक समय बीत चुका है लेकिन आरोपी अब तक अज्ञात हैं। ऐसे में शिकायतकर्ता के बयान और पुलिस की कोशिशों को देखते हुए थाना विजयपुर को जांच बंद करने की अनुमति दी जाती है।
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हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में किसी आरोपी या चोरी गई संपत्ति से जुड़ा कोई अहम सुराग मिलता है तो जांच दोबारा शुरू की जा सकेगी। आदेश के बाद मामला अभिलेखागार में दर्ज कर दिया गया है। संवाद
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