{"_id":"666103260081e099cb01fc8c","slug":"court-news-jammu-news-c-10-jam1008-374581-2024-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: प्रेमिका के पति की हत्या में प्रेमी की उम्रकैद की सजा बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: प्रेमिका के पति की हत्या में प्रेमी की उम्रकैद की सजा बरकरार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। उच्च न्यायालय ने 14 वर्ष पूर्व हत्या मामले में आरोपी को सुनाई उम्रकैद की सजा बरकरार रखी। पुंछ के गांव मंगनार में अरमजीत सिंह उर्फ काका ने अपनी प्रेमिका सुनीता कौर के पति जोगिंदर सिंह की हत्या कर दी थी। वर्ष 2010 में काका को गिरफ्तार कर लिया गया था। काका को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। जिसे रद्द करने के लिए चुनौती दी गई थी।
बुधवार को न्यायाधीश अतुल श्रीधरन और राजेश सेखरी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अमरजीत सिंह उर्फ काका की याचिका पर सुनवाई की। इसे खारिज करते हुए कहा कि निचली अदालत ने तमाम सबूतों पर फैसला सुनाया है। इसमें हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। बता दें कि काका ने घर में घुसकर जोगिंदर सिंह की खुखरी से हत्या कर दी थी। काका की प्रेमिका ने उसे बताया था कि दोनों के बारे में पति को पता चल गया है।
दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि यह स्पष्ट है कि अपीलकर्ता के पास मृतक की हत्या करने की पूर्व योजना थी, क्योंकि वह एक तेजधार हथियार से लैस होकर मृतक के घर आया था। वह मृतक के घर मोटर मांगने के बहाने घुसा। थोड़ी कहासुनी के बाद वह मृतक को घर के कच्चे रसोई घर में ले गया और बिना किसी उकसावे के उसकी छाती में चाकू घोंप दिया। इतना ही नहीं जब मृतक मदद के लिए चिल्लाते हुए रसोई घर से बाहर आया और अपने चाचा के घर की ओर भाग तो आरोपी ने उसका पीछा किया और उसकी गर्दन में एक और चाकू से वार किया और उसे मौके पर ही मार डाला। अभियोजन पक्ष के सभी गवाहों ने घटना का एक जीवंत और स्पष्ट विवरण दिया है, जो उनके सामने हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को न्यायाधीश अतुल श्रीधरन और राजेश सेखरी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अमरजीत सिंह उर्फ काका की याचिका पर सुनवाई की। इसे खारिज करते हुए कहा कि निचली अदालत ने तमाम सबूतों पर फैसला सुनाया है। इसमें हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। बता दें कि काका ने घर में घुसकर जोगिंदर सिंह की खुखरी से हत्या कर दी थी। काका की प्रेमिका ने उसे बताया था कि दोनों के बारे में पति को पता चल गया है।
विज्ञापन
दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि यह स्पष्ट है कि अपीलकर्ता के पास मृतक की हत्या करने की पूर्व योजना थी, क्योंकि वह एक तेजधार हथियार से लैस होकर मृतक के घर आया था। वह मृतक के घर मोटर मांगने के बहाने घुसा। थोड़ी कहासुनी के बाद वह मृतक को घर के कच्चे रसोई घर में ले गया और बिना किसी उकसावे के उसकी छाती में चाकू घोंप दिया। इतना ही नहीं जब मृतक मदद के लिए चिल्लाते हुए रसोई घर से बाहर आया और अपने चाचा के घर की ओर भाग तो आरोपी ने उसका पीछा किया और उसकी गर्दन में एक और चाकू से वार किया और उसे मौके पर ही मार डाला। अभियोजन पक्ष के सभी गवाहों ने घटना का एक जीवंत और स्पष्ट विवरण दिया है, जो उनके सामने हुआ था।
विज्ञापन