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Jammu News: मवेशी तस्करी से जुड़े मामले में आरोपी ने अदालत में कबूला गुनाह, कोर्ट ने लगाया 7900 रुपये का जुर्माना
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संवाद न्यूज एजेंसी
अदालत से ....................
कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने मवेशी तस्करी के मामले में जुड़े आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन के लिए उस पर कुल 7900 रुपये का जुर्माना लगाया है। दरअसल आरोपी ने खुद कोर्ट ने समक्ष अपने अपराध को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद कोर्ट ने उस पर जुर्माना और मामले में जब्त मवेशियों पर से उसका स्वामित्व खत्म कर दिया।
मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट लक्ष्य बडयाल की अदालत में की गई। राजबाग पुलिस द्वारा मामले में चालान गत 19 अगस्त को कोर्ट में प्रस्तुत किया। इसमें आरोपी जसप्रीत सिंह पुत्र निवासी रहीमाबाद खुर्द, तहसील समराला, लुधियाना तो वर्तमान में बड़ी ब्राह्मणा, सांबा में रह रहा है को पुलिस ने मवेशी तस्करी के रूप में गिरफ्तार किया था। अदालत में चालान पेश होने के बाद आरोपी अपने अधिवक्ता के साथ उपस्थित हुआ। इसी दौरान आरोपी ने अदालत में आवेदन देकर संबंधित अपराधों के संबंध में इकबालिया बयान दर्ज करवाने और अपना अपराध स्वीकार करने की इच्छा जताई। अदालत ने बयान दर्ज करने से पहले आरोपी को स्पष्ट रूप से बताया कि वह ऐसा बयान देने के लिए बाध्य नहीं है और उसके द्वारा दिया गया बयान उसके खिलाफ पढ़ा जा सकता है। अदालत ने आरोपों का सार आरोपी को पढ़कर सुनाया और समझाया तथा उसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए पर्याप्त समय भी दिया। इसके बावजूद आरोपी अपने निर्णय पर कायम रहा और उसने स्वेच्छा से अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उस पर बीएनएस की धारा 223 (मजिस्ट्रेट के आदेश की अवहेलना) के तहत 4000 रुपये, पशु के साथ क्रूरता के लिए के तहत 900 रुपये और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जुर्म करने के लिए 3000 रुपये का जुर्माना लगाया। इस तरह आरोपी को कुल 7900 रुपये का जुर्माना लगाया गया। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जब्त मवेशियों के स्वामित्व पर से दोषी को वंचित किया जाता है। इसके बाद दोषी ने जुर्माना राशि मौके पर कोर्ट में जमा कर दी, जिसके बाद कोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया गया।
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अदालत से ....................
कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने मवेशी तस्करी के मामले में जुड़े आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन के लिए उस पर कुल 7900 रुपये का जुर्माना लगाया है। दरअसल आरोपी ने खुद कोर्ट ने समक्ष अपने अपराध को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद कोर्ट ने उस पर जुर्माना और मामले में जब्त मवेशियों पर से उसका स्वामित्व खत्म कर दिया।
मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट लक्ष्य बडयाल की अदालत में की गई। राजबाग पुलिस द्वारा मामले में चालान गत 19 अगस्त को कोर्ट में प्रस्तुत किया। इसमें आरोपी जसप्रीत सिंह पुत्र निवासी रहीमाबाद खुर्द, तहसील समराला, लुधियाना तो वर्तमान में बड़ी ब्राह्मणा, सांबा में रह रहा है को पुलिस ने मवेशी तस्करी के रूप में गिरफ्तार किया था। अदालत में चालान पेश होने के बाद आरोपी अपने अधिवक्ता के साथ उपस्थित हुआ। इसी दौरान आरोपी ने अदालत में आवेदन देकर संबंधित अपराधों के संबंध में इकबालिया बयान दर्ज करवाने और अपना अपराध स्वीकार करने की इच्छा जताई। अदालत ने बयान दर्ज करने से पहले आरोपी को स्पष्ट रूप से बताया कि वह ऐसा बयान देने के लिए बाध्य नहीं है और उसके द्वारा दिया गया बयान उसके खिलाफ पढ़ा जा सकता है। अदालत ने आरोपों का सार आरोपी को पढ़कर सुनाया और समझाया तथा उसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए पर्याप्त समय भी दिया। इसके बावजूद आरोपी अपने निर्णय पर कायम रहा और उसने स्वेच्छा से अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उस पर बीएनएस की धारा 223 (मजिस्ट्रेट के आदेश की अवहेलना) के तहत 4000 रुपये, पशु के साथ क्रूरता के लिए के तहत 900 रुपये और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जुर्म करने के लिए 3000 रुपये का जुर्माना लगाया। इस तरह आरोपी को कुल 7900 रुपये का जुर्माना लगाया गया। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जब्त मवेशियों के स्वामित्व पर से दोषी को वंचित किया जाता है। इसके बाद दोषी ने जुर्माना राशि मौके पर कोर्ट में जमा कर दी, जिसके बाद कोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया गया।
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