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Jammu News: भ्रष्टाचार... एसीबी ने इस साल 54 मामले में की कार्रवाई, पिछले साल की तुलना में कम

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corruption case, acb action
अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से जम्मू कश्मीर में भ्रष्टाचार पर वार जारी है। भ्रष्टाचार को रोकने और कार्रवाई करने वाली सभी संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं। इसका नतीजा ये रहा है कि कभी राजनीतिक हस्तक्षेप के तले दबी ये संस्थाएं अब बिना दबाव के आरोपियों के खिलाफ न सिर्फ कार्रवाई कर रही, बल्कि उन्हें जेल तक पहुंचाने का काम रही है।

2023 में वर्तमान तक एंटी करप्शन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार से जुड़े 54 मामले दर्ज किए हैं, जो पिछले साल की तुलना में कम हैं। 2022 में 125, जबकि 2021 में 94 और 2020 में 71 मामले दर्ज हुए थे। 54 मामलों में 23 केस के साथ श्रीनगर पहले स्थान पर है। वहीं बारामुला में 12, जबकि 6-6 मामले जम्मू और अनंतनाग में दर्ज हैं। सबसे कम 1-1 मामला जम्मू पुलिस स्टेशन सेंट्रल और एसीबी उधमपुर में दर्ज हुआ है। एसीबी के सामने सबसे ज्यादा मामले रिश्वत मांगने और सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले है। राजस्व विभाग आज भी भ्रष्टाचार का उपरिकेंद्र बना हुआ है। राजस्व रिकॉर्ड लेने, भूमि ट्रांसफर करने, मनरेगा कार्यों में दिशानिर्देशों का पालन किए बिना सरकारी धन का दुरुपयोग और अवैध निर्माण करने की अनुमित देने से संबंधित ज्यादा मामले में सबसे ज्यादा पैसे की मांग की जाती है।
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भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई लगातार जारी है। मोबाइल एप से भी लोग शिकायत कर रहे हैं। एसीबी को मिलने वाली शिकायत के बाद उसका सत्यापन किया जाता है, जिसके बाद योजनाबद्ध रूप से आरोपियों को पकड़ा जा रहा है।
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आनंद जैन, निदेशक एसीबी जम्मू-कश्मीर


सतर्क नागरिक एप से भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग

भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में आम की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए एक आसान माध्यम देने के लिए 2021 में प्रदेश सरकार ने सतर्क नागरिक मोबाइल एप लांच किया था। इस एप के माध्यम से लोग अपनी शिकायत एसीबी तक पहुंचा रहे हैं। इसके माध्यम से शिकायत दर्ज करते समय एक विशिष्ट आईडी नंबर आवंटित किया जाता है। इसका उपयोग बाद में शिकायत की स्थिति को ट्रैक करने के लिए किया जाता है। इस तरह विभागीय सतर्कता अधिकारी (डीवीओ) पोर्टल भी शुरू किया है
कुछ मामले
3 जनवरी बिजली विभाग में लाइमैन को बिजली बिल के समझौता के एवज में तीन हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा।
11 जनवरी बसंतगढ़ उधमपुर में पटवारी को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा।
13 फरवरी बीमना अस्पताल में खाता सहायक के 18 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा।
2 मार्च पुलिस पोस्ट चिनौर में सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल को रिश्वत लेते पकड़ा।
3 अप्रैल कुलगाम में ग्राम रोजगार सेवक को 7 हजार रिश्वत लेते पकड़ा।
30 मई रियासी में ब्लॉक वन अधिकारी और वन अधिकारी को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा।
12 जून बांदीपोरा में वन विभाग के राजपत्रित अधिकारी को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा।
06 जुलाई बांदीपोरा में मुख्य अधिशाषी अभियंता को 29 हजार रिश्वत लेते पकड़ा।
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