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कोरोना से निपटने के लिए सरकार ने किए पर्याप्त बंदोबस्त
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जम्मू। कोरोना वायरस से निपटने को सरकार के बंदोबस्त पर हाईकोर्ट ने संतुष्टि जाहिर की है। इस वायरस से संबंधित दो जनहित याचिकाओं पर शुक्रवार को ओपन कोर्ट में सुनवाई हुई। एक याचिका अजरा उस्मैल और दूसरी कोर्ट ने खुद से संज्ञान लेते हुए मंजूर की। इस पर सरकार की तरफ से एडवोकेट जनरल डीसी रैना ने एडिशन एडवोकेट जनरल असीम साहनी और अमित गुप्ता के साथ सरकार का पक्ष रखा। चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस राजेश बिंदल वाली खंडपीठ ने श्रीनगर में वीडियो कांफ्रेंसिंग और जम्मू में बिना इसके मामलों पर सुनवाई की।
सरकार की तरफ से कोर्ट में बताया गया कि इससे निपटने के पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं। बताया कि सरकार की ओर से कोरोना वायरस को महामारी बीमारी घोषित किया गया है। सभी जिल उपायुक्तों को आदेश जारी कर जरूरी कदम उठाए गए हैं। लोगों के समूह में जमा होने पर रोक लगाई गई है। बहुत से धार्मिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। वैष्णो देवी की यात्रा रोकी गई है। चार से अधिक लोगों को कहीं भी रुकने से मना किया गया है। कई जिलों में धारा 144 लागू की गई है। बाहर से आने वाली बसों पर रोक लगाई गई है। यहां तक कि जम्मू-कश्मीर में बाहर से आने वाले पर्यटकों को न आने के लिए कहा गया है। सरकार ने लद्दाख से आने वाले सभी लोगों को 100 फीसदी क्वारंटाइन किया गया है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशसन, बस स्टैंड पर इसकी जांच के केंद्र स्थापित हैं। हर एक जिला उपायुक्त के साथ एक डीएसपी रैंक अफसर तैनात किया गया है, जो संदिग्धों पर नजर रखने की निगरानी कर रहे हैं। बड़े अस्पतालों में कोविड 19 क्लीनिक खोले गए हैं। तीन लैब चल रही हैं। यहां 113 टेस्ट किए गए।
एडवोकेट जनरल डीसी रैना ने यह भी जानकारी दी कि वेंटिलेटर लाने का आदेश दिया गया है। पैरा मेडिकल स्टाफ को इस बीमारी से निपटने के लिए परीक्षित किया जा रहा है। 7 राष्ट्रीय ट्रेनर, 90 राज्य ट्रेनर और, 1054 जिला ट्रेनर और 111 अन्य ट्रेनर इसके लिए मौजूद हैं।
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2802 लोग निगरानी में
सरकार की तरफ से कोर्ट में जानकारी दी गई है कि कोरोना को लेकर 2802 लोग निगरानी में हैं। 2128 लोग घरों में ही रखे गए हैं। 28 लोग अस्पताल में क्वारंटाइन किए गए हैं। 346 लोगों पर उनके घरों में ही नजर रखी जा रही है। 300 को कोर्स पूरा हो चुका है। 145 सैंपल लैब में भेजे गए हैं। 118 नेगेटिव आए हैं, 4 पाजिटिव आए हैं और 23 की रिपोर्ट आनी बाकी है। सरकार की इस रिपोर्ट पर कोर्ट ने संतुष्टि जाहिर की है।
लद्दाख की पूरी जानकारी नहीं
लद्दाख प्रशासन की ओर से कोर्ट में कहा गया कि उन्हें अपने यहां का हाल देेने के लिए कुछ वक्त चाहिए। इस पर हाईकोर्ट ने लद्दाख प्रशासन को जरूरी आदेश दिए हैं।
राज्य कानून सेवा प्राधिकरण सक्रिय
कोरोना वायरस को लेकर जम्मू-कश्मीर कानून सेवा प्राधिकरण भी सक्रिय है। चेयरमैन राजेश बिंदल का कहना है कि कोरोना को लेकर चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने आदेश दिए थे। उनका पालन किया जा रहा है। हाईकोर्ट में इसे लेकर कई तरह की जानकारियां दी जा रही हैं। इस विश्व व्यापी स्वास्थ्य इमरजेंसी को कम करने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। वकीलों से अपील की गई है कि वह अपने क्लाइंट से फोन पर ही बात करेँ।
बेसहारों को सहारा दें
हाईकोर्ट ने कोरोना से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सरकार को शहर में अधिक झोपड़ियां बनाने को कहा है। साथ ही जिन लोगों के पास रहने की जगह नहीं। उनके लिए भी बंदोबस्त करने के लिए कहा गया है।
जरूरी मामलों की ही करें सुनवाई
हाईकोर्ट ने जिला अदालतों को आदेश दिया है कि वह सिर्फ जरूरी मामलों पर ही सुनवाई करें। अन्यथा 31 मार्च तक मामलों की सुनवाई को स्थगित कर दें। रोस्टर में भी बदलाव करने को कहा है। जो स्टाफ कार्यालय नहीं आ रहा, उनसे फोन पर संपर्क करने के लिए कहा जा रहा है।
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सरकार की तरफ से कोर्ट में बताया गया कि इससे निपटने के पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं। बताया कि सरकार की ओर से कोरोना वायरस को महामारी बीमारी घोषित किया गया है। सभी जिल उपायुक्तों को आदेश जारी कर जरूरी कदम उठाए गए हैं। लोगों के समूह में जमा होने पर रोक लगाई गई है। बहुत से धार्मिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। वैष्णो देवी की यात्रा रोकी गई है। चार से अधिक लोगों को कहीं भी रुकने से मना किया गया है। कई जिलों में धारा 144 लागू की गई है। बाहर से आने वाली बसों पर रोक लगाई गई है। यहां तक कि जम्मू-कश्मीर में बाहर से आने वाले पर्यटकों को न आने के लिए कहा गया है। सरकार ने लद्दाख से आने वाले सभी लोगों को 100 फीसदी क्वारंटाइन किया गया है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशसन, बस स्टैंड पर इसकी जांच के केंद्र स्थापित हैं। हर एक जिला उपायुक्त के साथ एक डीएसपी रैंक अफसर तैनात किया गया है, जो संदिग्धों पर नजर रखने की निगरानी कर रहे हैं। बड़े अस्पतालों में कोविड 19 क्लीनिक खोले गए हैं। तीन लैब चल रही हैं। यहां 113 टेस्ट किए गए।
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एडवोकेट जनरल डीसी रैना ने यह भी जानकारी दी कि वेंटिलेटर लाने का आदेश दिया गया है। पैरा मेडिकल स्टाफ को इस बीमारी से निपटने के लिए परीक्षित किया जा रहा है। 7 राष्ट्रीय ट्रेनर, 90 राज्य ट्रेनर और, 1054 जिला ट्रेनर और 111 अन्य ट्रेनर इसके लिए मौजूद हैं।
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2802 लोग निगरानी में
सरकार की तरफ से कोर्ट में जानकारी दी गई है कि कोरोना को लेकर 2802 लोग निगरानी में हैं। 2128 लोग घरों में ही रखे गए हैं। 28 लोग अस्पताल में क्वारंटाइन किए गए हैं। 346 लोगों पर उनके घरों में ही नजर रखी जा रही है। 300 को कोर्स पूरा हो चुका है। 145 सैंपल लैब में भेजे गए हैं। 118 नेगेटिव आए हैं, 4 पाजिटिव आए हैं और 23 की रिपोर्ट आनी बाकी है। सरकार की इस रिपोर्ट पर कोर्ट ने संतुष्टि जाहिर की है।
लद्दाख की पूरी जानकारी नहीं
लद्दाख प्रशासन की ओर से कोर्ट में कहा गया कि उन्हें अपने यहां का हाल देेने के लिए कुछ वक्त चाहिए। इस पर हाईकोर्ट ने लद्दाख प्रशासन को जरूरी आदेश दिए हैं।
राज्य कानून सेवा प्राधिकरण सक्रिय
कोरोना वायरस को लेकर जम्मू-कश्मीर कानून सेवा प्राधिकरण भी सक्रिय है। चेयरमैन राजेश बिंदल का कहना है कि कोरोना को लेकर चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने आदेश दिए थे। उनका पालन किया जा रहा है। हाईकोर्ट में इसे लेकर कई तरह की जानकारियां दी जा रही हैं। इस विश्व व्यापी स्वास्थ्य इमरजेंसी को कम करने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। वकीलों से अपील की गई है कि वह अपने क्लाइंट से फोन पर ही बात करेँ।
बेसहारों को सहारा दें
हाईकोर्ट ने कोरोना से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सरकार को शहर में अधिक झोपड़ियां बनाने को कहा है। साथ ही जिन लोगों के पास रहने की जगह नहीं। उनके लिए भी बंदोबस्त करने के लिए कहा गया है।
जरूरी मामलों की ही करें सुनवाई
हाईकोर्ट ने जिला अदालतों को आदेश दिया है कि वह सिर्फ जरूरी मामलों पर ही सुनवाई करें। अन्यथा 31 मार्च तक मामलों की सुनवाई को स्थगित कर दें। रोस्टर में भी बदलाव करने को कहा है। जो स्टाफ कार्यालय नहीं आ रहा, उनसे फोन पर संपर्क करने के लिए कहा जा रहा है।