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कोरोना वायरस से घबराहट और डिप्रेशन का शिकार हो रहे लोग
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जम्मू। कोरोना वायरस ने वैश्विक स्तर के साथ समाज के हर हिस्से को प्रभावित किया है। इस वायरस की दहशत के कारण लोग एनजाइटी (घबराहट) और डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। ऐसे लोगों में अपनी सेहत को लेकर असुरक्षा की भावना बढ़ी है। दिल में अंजान सा डर बैठ गया है। हर दूसरे व तीसरे व्यक्ति को लग रहा है कि वे भी कोरोना वायरस से ग्रस्त हो सकते हैं। हालांकि, जमीनी स्तर पर अभी ऐसे हालात नहीं हैं। साइकाइटरी अस्पताल में एनजाइटी से जुड़े कई मामले रिपोर्ट हो रहे हैं।
केस 1 : अखनूर निवासी राजेश्वर दत्त हाल ही में विदेश से यात्रा करके लौटे हैं। उनकी सेहत पूरी तरह से दुरुस्त है। लेकिन दिल में एक अंजान सा डर बैठ गया है कि कहीं कोरोना वायरस का शिकार न हो जाएं। इस डर के कारण वे अधिकतर समय घर पर ही बिता रहे हैं। सामाजिक गतिविधियों से दूर रह रहे हैं। एक निजी साइकाइटरी क्लीनिक में काउंसलिंग के दौरान उनमें एनजाइटी की शिकायत पाई गई है।
केस 2 : गांधीनगर निवासी राहुल शर्मा कुछ दिन पहले तक पूरी तरह से स्वस्थ थे। लेकिन पिछले एक हफ्ते से अचानक घबराहट के साथ सांस फूल रही है। किसी अंजान डर से शरीर में कमजोरी महसूस हो रही है। हालत बिगड़ने पर मनोचिकित्सक के पास पहुंचे तो उसमें डिप्रेशन की शिकायत बताई। शर्मा भी कोरोना वायरस को लेकर अपनी सेहत को लेकर चिंतित हैं।
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साइकाइटरी अस्पताल जम्मू में सामान्य 200 मरीजों की ओपीडी में 40 फीसदी तक एनजाइटी से जुड़े मामले आ रहे हैं, लेकिन पिछले एक हफ्ते में इनमें बढ़ोतरी हुई है। एनजाइटी के अधिकतर मामलों में 20-45 वर्ष के लोग आ रहे हैं। इनमें एक वर्ग वह भी है जिनके बच्चे दूसरे देशों में पढ़ाई या अन्य कार्यों के लिए गए हुए हैं। मनोचिकित्सक डॉ. मनु अरोड़ा ने बताया कि एनजाइटी के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन स्थिति अभी नियंत्रण में हैं। लोगों में घबराहट के साथ भविष्य को लेकर चिंता बढ़ी है। लोगों मानसिक रूप से परेशान हुए हैं।
लक्षण
1. सामान्य से नींद का कम आना
2. भूख नहीं लगना और बेवजह का डर
3. दिल की धड़कन तेज होना
4. अचानक गुस्सा और उदासी बढ़ जाना
बचाव
1. अफवाहों को न सुने और न फैलाएं
2. जरूरत नहीं है तो अस्पताल न आएं
3. पौष्टिक आहार लें और शारीरिक गतिविधियां करें
4. छोटे से किसी लक्षण को कोरोना वायरस न समझें
5. सरकारी स्तर की सूचना पर ध्यान केंद्रित करें
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केस 1 : अखनूर निवासी राजेश्वर दत्त हाल ही में विदेश से यात्रा करके लौटे हैं। उनकी सेहत पूरी तरह से दुरुस्त है। लेकिन दिल में एक अंजान सा डर बैठ गया है कि कहीं कोरोना वायरस का शिकार न हो जाएं। इस डर के कारण वे अधिकतर समय घर पर ही बिता रहे हैं। सामाजिक गतिविधियों से दूर रह रहे हैं। एक निजी साइकाइटरी क्लीनिक में काउंसलिंग के दौरान उनमें एनजाइटी की शिकायत पाई गई है।
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केस 2 : गांधीनगर निवासी राहुल शर्मा कुछ दिन पहले तक पूरी तरह से स्वस्थ थे। लेकिन पिछले एक हफ्ते से अचानक घबराहट के साथ सांस फूल रही है। किसी अंजान डर से शरीर में कमजोरी महसूस हो रही है। हालत बिगड़ने पर मनोचिकित्सक के पास पहुंचे तो उसमें डिप्रेशन की शिकायत बताई। शर्मा भी कोरोना वायरस को लेकर अपनी सेहत को लेकर चिंतित हैं।
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साइकाइटरी अस्पताल जम्मू में सामान्य 200 मरीजों की ओपीडी में 40 फीसदी तक एनजाइटी से जुड़े मामले आ रहे हैं, लेकिन पिछले एक हफ्ते में इनमें बढ़ोतरी हुई है। एनजाइटी के अधिकतर मामलों में 20-45 वर्ष के लोग आ रहे हैं। इनमें एक वर्ग वह भी है जिनके बच्चे दूसरे देशों में पढ़ाई या अन्य कार्यों के लिए गए हुए हैं। मनोचिकित्सक डॉ. मनु अरोड़ा ने बताया कि एनजाइटी के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन स्थिति अभी नियंत्रण में हैं। लोगों में घबराहट के साथ भविष्य को लेकर चिंता बढ़ी है। लोगों मानसिक रूप से परेशान हुए हैं।
लक्षण
1. सामान्य से नींद का कम आना
2. भूख नहीं लगना और बेवजह का डर
3. दिल की धड़कन तेज होना
4. अचानक गुस्सा और उदासी बढ़ जाना
बचाव
1. अफवाहों को न सुने और न फैलाएं
2. जरूरत नहीं है तो अस्पताल न आएं
3. पौष्टिक आहार लें और शारीरिक गतिविधियां करें
4. छोटे से किसी लक्षण को कोरोना वायरस न समझें
5. सरकारी स्तर की सूचना पर ध्यान केंद्रित करें