जम्मू-कश्मीरः घर पर क्वारंटीन किए जा सकते हैं बिना लक्षण वाले मरीज, इस वजह से उठाया जा रहा कदम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार को देखते हुए बिना लक्षण वाले मरीजों को घर पर क्वारंटीन किया जा सकता है। इसके लिए कोविड विशेषज्ञों ने सरकार से सिफारिश की है। स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय की गाइडलाइन में प्रावधान है कि ऐसे मरीजों को घर पर ही आइसोलेट करके इलाज दिया जाए। देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस व्यवस्था को अमल में लाया जा रहा है। पिछले कुछ दिन से जम्मू-कश्मीर में प्रतिदिन औसतन 500 नए संक्रमित मामले सामने आ रहे हैं।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार से कश्मीर में हालात खराब हैं, यहां 5000 से अधिक सक्रिय मामले हैं। अब तक प्रदेश में 13000 के करीब मामले सामने आ चुके हैं। कश्मीर में प्रतिदिन 400 से अधिक संक्रमित मामले सामने आ रहे हैं, जिससे कोविड अस्पतालों में बेडों की कमी खलने लगी है।
यह भी पढ़ेंः चूल्हे के पास पड़ी लाशें देख सिहर उठा पुंछ, अधपकी रोटी और शरीर के चिथड़े बयां कर रहे थे पाक की कायरता
सूत्रों के अनुसार उपजिला स्तर पर बेड की मांग की गई है। जिस रफ्तार से संक्रमित मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, उसमें बिना लक्षण वाले कोविड मरीजों को घर पर क्वारंटीन करना जरूरी हो जाएगा। कुल संक्रमित मामलों में 70-80 फीसदी मरीज बिना लक्षण वाले हैं।
कोविड मरीजों को लेवल एक, दो, तीन में इलाज दिया जा रहा है। इसमें लेवल एक में गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को रखा गया है। इन अस्पतालों में कोविड देखभाल के लिए ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने की सूरत में वेंटिलेटर की कमी होना लाजमी है।
इसी तरह कम लक्षण वाले मरीजों को लेवल दो और सामान्य संक्रमित मरीजों को लेवल तीन में इलाज दिया जा रहा है। कश्मीर में लगभग कोविड अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं। कोविड विशेषज्ञों ने सरकार को राय दी है कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बिना लक्षण वाले कोविड मरीजों को घर पर क्वारंटीन किया जा सकता है।
घर पर क्वारंटीन से बढ़ेगा खतरा
जम्मू-कश्मीर में अगर बिना लक्षण वाले कोविड मरीजों को घर पर क्वारंटीन की व्यवस्था की जाती है तो इसमें खतरा बढ़ने की भी आशंका रहेगी। इसका बड़ा कारण कोविड देखभाल को लेकर लोगों का पूरी तरह से जागरूक न होना है। लोग संक्रमण को लेकर एसओपी का पूरी तरह से पहले से ही पालन नहीं कर रहे हैं। सार्वजनिक स्थलों पर मास्क, सामाजिक दूरी और सैनिटाइज का पालन नहीं हो रहा है।
कोविड मरीज अब दस दिन में होंगे डिस्चार्ज
कोविड मरीजों को अब 14 दिन के बजाय कोविड अस्पतालों में आइसोलेशन में 10 दिन रहना पड़ेगा। नई गाइडलाइन के तहत बिना लक्षण वाले कोविड मरीज को दस दिन आइसोलेट करके उनका कोविड टेस्ट किया जाएगा, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें छुट्टी दी जाएगी। इसमें घर जाने पर उन्हें एसओपी का पालन करना होगा।
इससे पहले की व्यवस्था में कोविड मरीज को अस्पताल में 14 दिन रखा जाता था और आखिर में उसके दो निगेटिव टेस्ट आने पर छुट्टी दी जाती है। इसमें उसके छाती के एक्सरे और दूसरी चिकित्सा देखभाल को सुनिश्चित किया जाता है।