कोरोना परीक्षण में जम्मू-कश्मीर देश में दूसरे स्थान पर, रोज 1000 टेस्ट कराने की तैयारीः रोहित कंसल
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सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में कोविड टेस्टिंग की दर में बढ़ोतरी की गई है। अब प्रति दस लाख लोगों पर 703 सैंपल जांचे जा रहे हैं। यह दर देशभर में दूसरे स्थान पर है। पहले प्रति दस लाख में टेस्टिंग की यह दर 77.5 चल रही थी। शुरुआत में रोजाना 50 टेस्ट करने की क्षमता थी, लेकिन अब रोजाना 700 तक टेस्ट किए जा रहे हैं।
कोशिश की जा रही है कि जल्द ही प्रतिदिन 1000 टेस्ट की क्षमता की जाए, ताकि कोरोना संक्रमण के अधिक से अधिक मामलों की शिनाख्त की जा सके। इस बीच जम्मू संभाग में फिलहाल रैपिड किट से कोरोना टेस्टिंग पर रोक लगा दी गई है। देश के विभिन्न हिस्सों में रैपिट टेस्ट किट पर उठे सवालों के बाद ऐसा किया गया है।
सूत्रों के अनुसार गत दिनों जम्मू संभाग के लिए करीब 4800 रैपिट टेस्ट किट पहुंची थीं। इसका हॉटस्पाट या अन्य सामुदायिक क्षेत्रों में कोरोना टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए चिकित्सा कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। फिलहाल रैपिड किट से टेस्ट पर रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डॉ. रेणु शर्मा के अनुसार चिकित्सा स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक रैपिड टेस्ट शुरू किए जाएंगे।
वहीं, प्रवक्ता रोहित कंसल ने बताया कि आईसीएमआर के चार लैब के साथ ही दो और लैब में भी टेस्टिंग की सुविधा शुरू होगी। 24 हजार रैपिड टेस्टिंग किट केंद्र शासित प्रदेश को मिल गई हैं। उल्लेखनीय है कि प्रति दस लाख लोगों पर प्रतिदिन टेस्टिंग में लद्दाख पहले पायदान पर है जिसकी दर दो हजार के आसपास है।
हालांकि लद्दाख में अभी तक टेस्टिंग लैब नहीं बन पाई है। यहां से सैंपल दूसरे राज्यों में भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने हाल ही में जिला उपायुक्तों को 100 करोड़ रुपये जारी किए हैं। जम्मू कश्मीर में 2.20 लाख श्रमिकों और अन्य दूसरे लोगों को कैंपों में रखा गया है। राशन कार्ड धारकों को अप्रैल मई माह का एडवांस 10 लाख क्विंटल राशन बांटा गया है।