सांबा। जम्मु-कश्मीर में दूसरे राज्यों से काम करने आए प्रवासी श्रमिक डेढ़ माह से परिवार के साथ भटक रहे हैं। वे जिला प्रशासन से अपने गृह राज्य व जनपद भेजे जाने की गुहार लगा रहे हैं। उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। श्रमिकों के पास धन के अभाव व दो वक्त के भोजन का संकट है। श्रमिक अपने घरों में स्वयं को भेजने की मांग को लेकर जिला मुख्यालय में चक्कर काट रहे हैं।
इन श्रमिकों ने आरोप लगाया कि आज भी सैकड़ों श्रमिक परिवार समेत सांबा के जिला मुख्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन उनकी कोई बात नहीं सुनी गई। उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड व उत्तराखंड के रहने वाले श्रमिक अमन कुमार, संगीता देवी, रामदवन, महेश प्रजापति, अशोक कुमार व राहुल कुमार ने बताया कि लॉकडाउन की अवधि बढ़ने पर अब लंगर व राशन भी पर्याप्त रूप से नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनका परिवार व बच्चे भूखे पेट सोने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि अगर जम्मू कश्मीर प्रशासन उनकी मदद नहीं कर सकता तो उन्हें उनके राज्यों में भेजने के प्रबंध करें। उन्होंने आरोप लगाया और कि सांबा जिला मुख्यालय में अधिकारी उनकी बात सुनना तो दूर उल्टा गरीब व असहाय लोगों पर डंडे बरसा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राज्यों के मुख्यमंत्रियों से उन्हें अपने राज्यों में बुलाने के प्रबंध करने की मांग की है।