प्रवासी मजदूरों का जम्मू-कश्मीर लौटना शुरू, श्रम विभाग ने संभाली कार्यस्थल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी
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लॉकडाउन के दौरान अपने घरों को लौटने वाले वाले प्रवासी मजदूरों का प्रदेश में फिर आना शुरू हो गया है। उद्यमियों के साथ प्रशासन भी इनकी वापसी में लगा है। देश सहित प्रदेश में अभी अनलॉक 2.0 चल रहा है। लॉकडाउन के कारण बंद हुई सरकारी और निजी परियोजनाओं में काम फिर शुरू हो चुका है। कश्मीर संभाग में भी ईंट भट्ठे दोबारा चल पडे हैं लेकिन श्रमिकों की कमी से कार्य गति नहीं पकड़ रहा था।
ऐसे में सरकार इन भट्टों के काम को गति देने के लिए प्रदेश सहित बाहरी राज्यों से 15 हजार श्रमिकों को लाई है। इन श्रमिकों को प्रवेश द्वार लखनपुर से प्रदेश में लाया जा रहा है। श्रमिकों को कार्यस्थल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी श्रम विभाग के पास है।
बाहरी राज्यों से लौटे इन श्रमिकों का कोविड टेस्ट भी किया जा रहा है। साथ ही यातायात सुविधा भी दी जा रही है। छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान जैसे राज्यों से श्रमिक प्रदेश में पहुंचे हैं।
इस मौसम में कश्मीर में ईंट भट्ठों का काम शुरू हो चुका है। श्रमिकों की कमी होने के कारण बाहरी राज्यों से श्रमिकों को लाया गया है। इसमें प्रदेश के श्रमिक भी शामिल हैं। इन श्रमिकों को कार्यस्थलों तक पहुंचाने का काम श्रम विभाग को दिया गया है। -सौरभ भगत, श्रम आयुक्त, श्रम एवं रोजगार विभाग