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भद्रवाह में रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद फूल बरसाकर 145 श्रमिकों को भेजा घर
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भद्रवाह। क्वारंटीन किए गए बाहरी राज्यों से लौटे करीब 145 श्रमिकों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मंगलवार को इन सभी लोगों को उनके घरों के लिए रवाना कर दिया गया। इन सभी लोगों को भद्रवाह विश्वविद्यालय में बनाए गए क्वारंटीन केंद्र में रखा गया था।
मंगलवार सुबह इन सभी को बसों में बिठाकर उनके घरों के लिए रवाना कर दिया गया। गौरतलब है कि अन्य राज्यों से अपने मूल जिले में वापस लाए जाने वाले मजदूरों को अलग-अलग क्वारंटीन केंदों और कोविड केयर वेलनेस सेंटरों में रखा जा रहा है। इसके तहत मंगलवार तक क्वांरटीन केंद्रों में रखे गए 145 श्रमिकों को रिलीज कर दिया गया है।
उत्तराखंड में 40 दिनों तक फंसे रहने के बाद डोडा लौटे श्रमिक मुन्नावर दीन (60) ने कहा कि अपने मूल जिले में पहुंचने के बाद हमने सोचा कि क्वारंटीन केंद्र में रहना अनावश्यक है और हम इससे काफी दुखी भी हो गए थे। मगर कुछ दिन बिताने के बाद हमें इसकी अहमियत का पता चला। इसलिए बाहरी राज्यों से लौट रहे लोगों से अपील है कि वह क्वारंटीन से बचने का प्रयास न करें। क्योंकि यह स्वयं और परिवार के लिए बेहद जरूरी है। क्वारंटीन केंद्रों में तैनात कर्मचारियों व प्रशासनिक अधिकारियों का रवैया भी काफी अच्छा है। अन्य मजदूर महबूब अहमद खान (52) ने कहा कि घर जाकर परिवार को जागरूक करेंगे। कोविड केयर वेलनेस सेंटर में तैनात अधिकारियों ने फूल बरसार कर घरों के लिए रवाना किया।
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मंगलवार सुबह इन सभी को बसों में बिठाकर उनके घरों के लिए रवाना कर दिया गया। गौरतलब है कि अन्य राज्यों से अपने मूल जिले में वापस लाए जाने वाले मजदूरों को अलग-अलग क्वारंटीन केंदों और कोविड केयर वेलनेस सेंटरों में रखा जा रहा है। इसके तहत मंगलवार तक क्वांरटीन केंद्रों में रखे गए 145 श्रमिकों को रिलीज कर दिया गया है।
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उत्तराखंड में 40 दिनों तक फंसे रहने के बाद डोडा लौटे श्रमिक मुन्नावर दीन (60) ने कहा कि अपने मूल जिले में पहुंचने के बाद हमने सोचा कि क्वारंटीन केंद्र में रहना अनावश्यक है और हम इससे काफी दुखी भी हो गए थे। मगर कुछ दिन बिताने के बाद हमें इसकी अहमियत का पता चला। इसलिए बाहरी राज्यों से लौट रहे लोगों से अपील है कि वह क्वारंटीन से बचने का प्रयास न करें। क्योंकि यह स्वयं और परिवार के लिए बेहद जरूरी है। क्वारंटीन केंद्रों में तैनात कर्मचारियों व प्रशासनिक अधिकारियों का रवैया भी काफी अच्छा है। अन्य मजदूर महबूब अहमद खान (52) ने कहा कि घर जाकर परिवार को जागरूक करेंगे। कोविड केयर वेलनेस सेंटर में तैनात अधिकारियों ने फूल बरसार कर घरों के लिए रवाना किया।
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