महिलाओं से पीडीपी नेता ने कहा, मीरवाइज के पास जाओ
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घाटी में एक विवादित वीडियो चर्चा में आ गया, जब पीडीपी के एक नेता ने संकट में मदद मांगने आई महिलाओं के एक समूह को उदारवादी हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक के पास जाने को कहा। उनका कहना था कि यहां के लोगों ने दया खो दी है।
पीडीपी जनरल सेक्रेटरी निजामुद्दीन भट ने कहा, ‘मीरवाइज ही ठीक रहेंगे... वह आपकी मदद करेंगे... पहले कुछ मदद हासिल करें, तब ही आप कहीं जा सकते हैं।’ पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की रहने वाली इन महिलाओं का कहना था कि कश्मीर से सीमा पार गए कश्मीरी युवाओं से उन्होंने विवाह किया।
जो आतंकी प्रशिक्षण के लिए सीमा पार गए थे। लेकिन रियासती सरकार की पुनर्वास योजना के तहत वह पीओके से वापस लौट आए। उक्त महिलाएं सत्ताधारी दल पीडीपी के कार्यालय में मदद मांगने पहुंचीं थीं। पीडीपी नेता ने महिलाओं से कहा कि हुर्रियत चेयरमैन अकाफ ट्रस्ट चलाते हैं या फिर वह सरकार की ओर से चलाए जा रहे मुस्लिम अकाफ ट्रस्ट के वाइस चेयरमैन से संपर्क कर सकती हैं।
'मीरवाइज साहब नगीर में रहते हैं'
बांडीपोरा से पूर्व विधायक भट ने कहा, ‘किसी को रोजगार की समस्या है। किसी को चिकित्सा सुविधा चाहिए या कोई आपात जरूरत है तो उमर (मीरवाइज) से संपर्क करें।’ महिलाओं ने जब हुर्रियत चेयरमैन का पता पूछा तो भट ने बाकायदा एक कागज में उनका पता लिखकर दिया। भट ने कहा, ‘मीरवाइज साहब नगीन में रहते हैं।
आप किसी से भी पूछें, वह उनके बारे में बता देंगे।’ इस संबंध में समाचार एजेंसी ने जब भट से संपर्क किया तो उनका कहना था कि उन्होंने हुर्रियत चेयरमैन नहीं, बल्कि जामिया अकाफ ट्रस्ट के प्रमुख के बारे में कहा था। मीरवाइज अकाफ के अध्यक्ष हैं और उसका फंड मुस्लिमों की भलाई के लिए होता है। यदि हम जवाबदेह हैं तो उन्हें भी जवाबदेह होना चाहिए।
भट ने कहा कि उन्होंने महिलाओं को सिर्फ जामिया अकाफ ट्रस्ट नहीं, बल्कि मुस्लिम अकाफ ट्रस्ट के वाइस चेयरमैन से भी मिलने को कहा था। पीडीपी नेता ने कहा कि उन्होंने महिलाओं को यह भी आश्वासन दिया था कि वह उनके मामले को सरकार के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि मौके पर वह जो कर सकते थे, वही उन्होंने किया।