वैष्णो देवी मेडिकल सीटों पर बवाल: मुख्यमंत्री और श्राइन बोर्ड के खिलाफ गुस्सा; सड़क पर उतरे लोग, चक्का जाम
जम्मू में एसएमवीडीआईएमई में एमबीबीएस सीट आवंटन विवाद के विरोध में कई हिंदू संगठनों ने तवी पुल पर प्रदर्शन कर चक्का जाम किया और मुख्यमंत्री व श्राइन बोर्ड के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने 50 में से 42 सीटें मुस्लिम छात्रों को दिए जाने को विसंगति बताते हुए सीट आवंटन रद्द करने और आस्था के अनुरूप निर्णय लेने की मांग उठाई।
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श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (एसएमवीडीआईएमई) में एमबीबीएस सीटों पर दाखिले को लेकर छिड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने तवी पुल पर करीब 45 मिनट प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का पुतला फूंका। श्राइन बोर्ड के खिलाफ भी रोष जताया।
प्रदर्शन से तवी पुल के साथ शहरभर में जाम लग गया। इससे लोगों को भारी परेशानी हुई। श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा कटड़ा स्थित मेडिकल कॉलेज में 50 में से 42 सीटें मुस्लिम छात्रों को आवंटित किया जाना है।
संगठनों ने स्पष्ट कहा कि यह विसंगति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि ग्रांट की धमकी से डरने वालों में अब वे नहीं हैं। सड़क पर उतरे लोगों ने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को आड़े हाथों लेते हुए सीट आवंटन रद्द करने की मांग को जोरशोर से उठाया। उन्होंने कहा, बोर्ड को इस मामले पर दखल देकर हिंदू छात्रों के हित में फैसला लेना चाहिए।
संघर्ष समिति के संयोजक रिटायर्ड कर्नल सुखबीर सिंह मनकोटिया के आह्वान पर बजरंग दल और करणी सेना समेत कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता तवी पुल पर जुटे। महाराजा हरि सिंह प्रतिमा के नीचे धरना देकर दाखिला प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाई।
मनकोटिया ने साफ किया कि यह हिंदू-मुस्लिम का मसला नहीं बल्कि आस्था का सवाल है। उन्होंने कहा कि श्राइन बोर्ड का फंड हिंदू भक्तों के चढ़ावे से आता है और उसका इस्तेमाल भी आस्थावानों के हित में ही होना चाहिए। प्रदर्शन में सनातन धर्म सभा, परशुराम सेना, युवा राजपूत सभा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, राष्ट्रीय गो रक्षा दल समेत तमाम संगठन शामिल हुए।
पैदल पार करना पड़ा पुल, नहीं मिला कोई साधन
प्रदर्शन के दौरान तवी नदी पुल के दोनों तरफ जाम की स्थिति के बीच लोगों को पैदल ही पुल पार करना पड़ा। टेंपो, टैक्सी या ई रिक्शा चालक बिक्रम चौक से तवी पार जाने के लिए तैयार नहीं हुए। इससे गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोगों को परेशान होना पड़ा।
शहर में ज्वेल चौक से लेकर गुम्मट बाजार चौक व मेडिकल कॉलेज की तरफ जा रही रोड पर भी वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। दोपहर 12 बजे के बाद धरना-प्रदर्शन खत्म होने पर यातायात सुचारु हो सका।
प्रदर्शन की सूचना के बाद भी प्रशासन नहीं कर सका व्यवस्था
संघर्ष समिति की तरफ से एक दिन पूर्व ही तवी नदी पर प्रदर्शन की सूचना दी गई थी। इसके बाद भी प्रशासन व यातायात विभाग के अधिकारी बड़े आंदोलन की रूपरेखा को भांप नहीं सके। संगठनों से जुड़े लोगों का कहना था कि वर्ष 2008 के बाद ऐसी स्थिति दिखी कि पूरा शहर जाम में फंस गया।
करीब एक घंटे तक शहर ठप नजर आया। कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को भी बिक्रम चौक व बिक्रम चौक से शहर की तरफ पैदल ही तवी पुल पार करना पड़ा।