कहीं थम न जाए फ्लाई ओवर का निर्माण
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बता दें कि इस ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान पर यातायात पुलिस ने ऐतराज जताया है। इरा के आधिकारिक सूत्रों का कहना हैं कि अगर बिक्रम चौक फ्लाई ओवर के सुपर स्ट्रक्चर के निर्माण कार्य के लिए जरूरी जगह नहीं मिली तो निर्माण कार्य के रुकने की भी आशंका हैं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी तहसीन मुस्तफा ने अमर उजाला को बताया कि फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर की डिजाइन पर आधारित हैं।
डिजाइन के अलावा प्रस्तावित ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान में फेरबदल करना फिलहाल मुमकिन नहीं है। फ्लाई ओवर के निर्माण कार्य से यातायात संबंधी समस्याओं को कुछ दिन तो वहन करना पड़ेगा। विकास कार्य के लिए यह बड़ी जरूरत है। बिक्रम चौक फ्लाई ओवर के सुपर स्ट्रक्चर का निर्माण कार्य के लिए पचास गार्डर बनकर तैयार हो चुके हैं।
इन्हें ढांचे के ऊपर चढ़ाने के लिए जगह की जरूरत हैं और इसके लिए इरा ने तीन चरणों में यातायात मैनेजमेंट प्लान बनाया हैं। इरा इसी प्लान पर काम करना चाहती हैं ताकि फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो सके। उनका कहना हैं कि संबंधित क्षेत्रों के विधायकों कविंद्र गुप्ता और राजेश गुप्ता के अलावा यातायात पुलिस और प्रमुख नागरिकों के समक्ष इरा ने अपनी स्थिति साफ कर दी है।
यह है प्रस्तावित ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान
इरा के तीन चरण के प्रस्तावित
ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान के पहले चरण में पुलिस लाइन जंक्शन से बत्रा
पेट्रोल पंप तक का रोड फ्लाई ओवर निर्माण के दौरान बंद करना शामिल है। इस
रोड पर भारी ट्रैफिक को पुलिस लाइन जंक्शन से होते हुए ग्रीन बेल्ट जंक्शन
से सतवारी की ओर से ले जाना प्रस्तावित है। दूसरे चरण में पुलिस लाइन
जंक्शन से ग्रीन बेल्ट जंक्शन तक का रास्ता बंद किया जाएगा।
इसके
लिए सतवारी जाने वाले वाहनों को ग्रीन बेल्ट जंक्शन से निकाला जाएगा। चौथे
पुल से आने वाले वाहनों को राइट ट्यूब की तरफ डाइवर्ट किया जाएगा। तीसरे और
आखिरी चरण में बिक्रम चौक और होटल एशिया रोड को निर्माण कार्य के लिए बंद
करना शामिल है। गुज्जर नगर पुल से नेशनल हाइवे कुंजवानी से होते हुए सतवारी
लाया जाएगा। हलके वाहनों के लिए विश्वविद्यालय पनामा चौक ग्रीन बेल्ट और
गांधीनगर रोड का प्रयोग होगा।
यातायात पुलिस का तर्क
यातायात
पुलिस के डीआईजी अशकूर वानी का कहना हैं कि इरा की प्रस्तावित योजना से
यातायात व्यवस्था बिगड़ जाएगी। निर्माण एजेंसी पहले सड़क चौड़ीकरण का काम
पूरा करें फिर योजना को लागू करे तो बेहतर रहेगा। इसके बाद ही विभाग सहयोग
कर पाएगा।