जम्मू-कश्मीर: प्रदेश की शांति भंग करने की साजिश, बालाकोट में मारे गए आतंकियों से हथियारों का जखीरा मिला
रोमियो फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर पी आचार्य ने बताया कि बालाकोट में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तारबंदी के पास तैनात जवानों ने फेंसिंग के आगे संदिग्ध गतिविधि देखकर गोलीबारी की। इसमें दो दहशतगर्द मारे गए। उनके पास से बड़ी संख्या में हथियार मिले हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पुंछ जिले में मेंढर के बालाकोट सेक्टर में सेना ने शनिवार की शाम घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए दो आतंकियों को ढेर कर दिया। दोनों आतंकियों के शव और भारी मात्रा में हथियार व विस्फोटक बरामद कर लिया गया है। पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
सेना की रोमियो फोर्स 13 सेक्टर हेडक्वार्टर के कमांडर ब्रिगेडियर पी आचार्य के अनुसार सात जनवरी की शाम करीब 7:45 घंटे बालाकोट में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तारबंदी के पास तैनात सेना के जवानों ने फेंसिंग के आगे संदिग्ध गतिविधि देखकर गोलीबारी की। इसमें दो दहशतगर्द मारे गए।
कुछ और आतंकियों की मौजूदगी की आशंका पर इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान सेना ने एक एके 47 व एक एके 56 राइफल, राइफल के दो मैगजीन और 21 गोलियां, एक मैगजीन व पांच गोलियों के साथ एक चीन निर्मित पिस्तौल, दो आईईडी, 10 डेटोनेटर, 2 चीन में बने ग्रेनेड, 1 मोबाइल फोन बरामद किया।
पिछले सप्ताह तीन घुसपैठियों को खदेड़ा था
सैन्य कमांडर ने बताया कि इससे पहले 29 दिसंबर 22 को कृष्णा घाटी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर तैनात सेना के सतर्क जवानों ने नियंत्रण रेखा के पार से भारी बारिश की आड़ में घुसपैठ की कोशिश करते तीन आतंकियों को ऐन मौके पर गोलाबारी कर खदेड़ दिया था।
इसके बाद 30 दिसंबर को दिन के उजाले में क्षेत्र की खोज की गई। इसमें जंगी सामान वाले थैलों की बरामदगी और भारी मात्रा में खाने पीने की वस्तुएं बरामद की गईं। तलाशी के दौरान सेना को दो पिस्टल, तीन मैगजीन, पिस्टल की 24 गोलियां, एके-47 की 30 गोलियां, नाइट विजन गॉगल्स, खंजर, सर्दियों के कपड़े, रबर के दस्ताने और लंबे समय तक खाने-पीने का पर्याप्त सामान मिला।
अब जम्मू संभाग की शांति भंग करने की साजिश
ब्रिगेडियर आचार्य ने कहा, आतंकियों की साजिश अब जम्मू संभाग की शांति भंग करने पर केंद्रित है। सेना और क्षेत्र में सक्रिय अन्य सुरक्षा बल आतंकियों और उनके समर्थकों को पकड़ने के लिए अपना अभियान जारी रखेंगे।