मोदी के दौरे पर कांग्रेस-भाजपा में छिड़ा सियासी घमासान
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रो. सैफुद्दीन सोज ने शुक्रवार को प्रेस बयान जारी कर कहा कि श्रीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत पैकेज के तौर पर 570 करोड़ की राशि क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण के लिए जारी करने के ऐलान से तबाही का दर्द झेल रहे लोगों के जख्म और गहरे हुए हैं।
राज्य की गठबंधन सरकार ने नुकसान का आकलन करने के बाद केंद्र सरकार से राहत पैकेज की सिफारिश की हुई है। इसके लिए केंद्र सरकार को अपनी मंजूरी प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से रियासत के लोगों के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहायता को भी अनुमति देने की अपील की है।
उनका कहना है कि जहां तक प्रभावित लोगों को सीधे राहत देने का सवाल है, तो यह स्कीम आप का पैसा आपके हाथ यूपीए ने ही शुरू की थी। प्रभावित लोगों को सीधे राहत मिलने से किसी को कोई आपत्ति भी नहीं है।
पीएम से नहीं मिले कांग्रेसी नेता
वहीं प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कश्मीर दौरे और बाढ़ पीड़ितों के लिए जारी पैकेज से लोगों की उम्मीदें पूरी नहीं हुई है।
कांग्रेस नेताओं के प्रधानमंत्री से नहीं मिलने के सवाल पर शर्मा का कहना है कि राज्य सरकार जिसमें कांग्रेस अहम घटक है। बाढ़ पीड़ितों के लिए केंद्र सरकार से 44000 करोड़ का पैकेज की मांग कर चुकी है। ऐसे में कोई नई बात कहने को क्या थी।
वहीं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद जुगल किशोर शर्मा का कहना है कि प्रधानमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दिवाली पर कश्मीर का दौरा किया।
उन्होंने सभी सियासी और अन्य संगठनों से मिलने की भी इच्छा जताई। कांग्रेस को छोड़ अन्य दलों के नेता मिले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रधानमंत्री से नहीं मिलने से साफ हो गया कि इस पार्टी के नेताओं को पीड़ित लोगों की समस्याओं की कोई चिंता नहीं है।