कांग्रेस नेता सरूरी ने कहा- आतंकी जहांगीर सरूरी से मेरा कोई लेना देना नहीं, मैं उससे कभी नहीं मिला
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीएम सरूरी ने कहा कि उनका आतंकी अमीन भट्ट उर्फ कोड जहांगीर जरूरी से कोई लेना देना नहीं है। 2014 तक पुलिस के पास दर्ज मामलों में जहांगीर, मो. अमीन भट्ट के नाम से शामिल था, लेकिन उसके बाद किसने उसका नाम जहांगीर सरूरी रख दिया, इसकी कोई जानकारी नहीं है। मैं मांग करता हूं कि जहांगीर के नाम में सरूरी कैसे जोड़ा गया इसकी भी जांच करवाई जानी चाहिए।
सरूरी ने बताया कि उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से 160 नोटिस के तहत बुलाया गया था और इसका जवाब दे दिया गया है। मुझे बताया गया कि जहांगीर सरूरी के नाम से आतंकी है, लेकिन मैंने स्पष्ट किया है कि मेरा जहांगीर सरूरी से कोई ताल्लुक नहीं है। मैं कभी उससे नहीं मिला हूं। सरूरी के साथ जोड़कर मुझे फंसाने की कोशिश की गई है।
आतंकी मो. अमीन भट्ट कई सालों से सक्रिय है। किश्तवाड़ में इंद्रवाल और किश्तवाड़ विधानसभा है, किश्तवाड़ जिले में जहांगीर आतंकी मो. अमीन भट्ट है और उसका कोड जहांगीर था, लेकिन बाद में जहांगीर सरूरी कैसे हो गया यह मुझे पता नहीं है। जहांगीर, सरूर इलाके का रहने वाला है और वह बादाज गांव द्रबशाला के ऊपर है।
हमारी जाति इलियास सरूरी हैः जीएम सरूरी
उन्होंने कहा कि हमारी जाति इलियास सरूरी है और हमारा मूल आवास सरथल इलाके में है। आतंकवाद के चलते हम किश्तवाड़ में 1992 के बाद अखियारा बाद में आ गए, जो वार्ड 3 में स्थित है। जहांगीर हमारा कोई रिश्तेदार नहीं है, न वह किसी तरह से सरूरी है।
हम कई दशक से आतंकवाद की निंदा करते रहे हैं चाहे वह 2008 और 2014 के दंगे हो, हम इनकी भी एनआईए जांच करवाने की मांग करते हैं। मैं एक धर्मनिरपेक्ष दल का नेता हूं, कई बार विधायक और मंत्री रहा हूं। हमारा आतंकवाद से कोई लेना देना नहीं है।